ऑनलाईन पढाई के दौर में स्टूडेंट्स उपयोग में ले रहे हैं वर्चुअल लायब्रेरी

Rajasthan Education News: कई शिक्षण संस्थाएं स्टूडेंट्स को नाॅलेज अपडेट के लिए ई-लायब्रेरी के लिंक करवा रही हैं उपलब्ध

By: Deepshikha Vashista

Updated: 10 May 2020, 06:43 PM IST

जयपुर. शिक्षा के ऑनलाईन ट्रेंड के दौर में वर्चुअल लायब्रेरी स्टूडेंट्स के कांसेप्ट बेहतर करने में मददगार साबित हो रही है। ऑनलाईन क्लासेज के बाद स्टूडेंट्स अपनी नाॅलेज को इन ई-लायब्रेरी के सहारे अपग्रेड कर रहे हैं। विभिन्न शिक्षण संस्थाएं भी स्टूडेंट्स को ई-लायब्रेरी की उपयोगिता और लिंक से रूबरू करवा रही है, ताकि बच्चे बेहतर नाॅलेज प्राप्त कर सके।

इन ई-लायब्रेरी में क्लास एक से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक की विभिन्न विषयों की ई-बुक्स, वीडियोज और नोट्स मिल जाते हैं। गौरतलब है कि भारत सरकार के एमएचआरडी ने भी हाल ही में इस तरह के प्रयास शुरू किए हैं, जो कि स्टूडेंट्स के लिए खासे उपयोगी साबित हो रहे हैं।

ये है वर्चुअल लायब्रेरी

वर्चुअल लायब्रेरी एक प्रकार की डिजीटल लायब्रेरी है जो सूचना को पोर्टल प्रदान करती है। इसमें इंटरनेट पर ई-रिसोर्सिंग साइट्स के माध्यम से आवश्ये जानकारी तक पहुंचा जाता है। इसमें एक सूचना केन्द्र इन्फिलिबेट होता है जो कि स्टूडेंट्स के लिए काफी महत्वपूर्ण साइट्स ई पीजी पाठशाला, शोधगंगा, विद्वान, शोधसिंधु आदि का संकलन करता है।

पहली क्लास से पीजी तक

वर्तमान में डिजीटल लायब्रेरी में कक्षा एक से लेकर पीजी तक के विभिन्न सब्जेक्ट्स की ई-बुक्स, वीडियोज एवं अन्य संकलन मौजूद है। ई बुक्स के लिए प्रोजेक्ट पुतनबर्ग, ओपन लायब्रेरी, मेनीबुक्स, बुकरूम आदि ऐसी वेबसाईटस है जिनमें प्रचुर मात्रा में लिटरेचर है।

सरकार ने भी शुरू किए प्रयास

देश के एमएचआरडी के बैनर तले आईआईटी खडगपुर के स्टूडेंट्स की ओर से तैयार की गई नेषनल डिजीटल लायब्रेरी ऑफ इंडिया में भी स्टूडेंट्स के लिए काफी महत्वपूर्ण जानकारियां एवं सिलेबस संबंधी काफी विस्तार से लिटरेचर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से स्वयम प्रभा भी शुरू किया गया है जिसमें वीडियोज एवं लिटरेचर उपलब्ध है।

हमने यूनिवर्सिटी के यू ट्यूब ऑनलाईन एजुकेशन चैनल एवं अन्य माध्यमों से सभी स्टूडेंट्स के लिए डिजीटल लायब्रेरी के तमाम लिंक पहले से ही उपलब्ध करवा रखे हैं। इससे स्टूडेंट्स को अपनी पढाई में काफी मदद मिल रही हैं।

डाॅ. अंशु सुराणा, वाईस चेयरपर्सन, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलाॅजी

काॅलेज की फैकल्टीज स्टूडेंट्स को अपनी नाॅलेज को और बढाने के लिए रेफरेंस बुक्स के बारे में बताते हैं, इसके साथ ही वे ई-लायब्रेरी के रेफरेंस भी देते हैं।

डाॅ. आनंद पोद्दार, चेयरमेन, पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स

ई-लायब्रेरी निश्चित रूप से सभी स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर मंच साबित हो सकती है। उन्हें इसका उपयोग करना चाहिए।

जयपाल मील, निदेशक, एसकेआईटी

स्टूडेंट्स को यदि बेहतर लिटरेचर एवं अपग्रेडेड नाॅलेज ई-लायब्रेरी के सहारे मिलती है, निश्चित रूप से यह काफी मददगार साबित होगा।

मोनिका मित्तल, वाईस चेयरपर्सन, आनंद इंटरनेशनल काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग

Deepshikha Vashista
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