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बैंक अधिकारी की आवाज में परिवादी ने खुद की रिकॉर्डिंग,बताया डीजीएम और एचआर चीफ मैनेजर मांग रहे हैं रिश्वत

भ्रष्टाचार की शिकायत के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी को फंसाने के लिए एसीबी कार्रवाई की साजिश रच डाली। उसकी शिकायत पर एसीबी ने तस्दीक करवाई तो अधिकारी ने खुद ही वरिष्ठ अधिकारी की आवाज में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग पेश कर दी। इस रिकॉर्डिंग के आधार पर एसीबी ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को दस लाख रुपए की रिश्वत के साथ पकड़ भी लिया। हालांकि ट्रैप के बाद जब वास्तविकता सामने आई तो एसीबी टीम भी चकित रह गई। अब एसीबी परिवादी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है।

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RPSC Examination Bribe Case

RPSC Examination Bribe Case

भ्रष्टाचार की शिकायत के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी को फंसाने के लिए एसीबी कार्रवाई की साजिश रच डाली। उसकी शिकायत पर एसीबी ने तस्दीक करवाई तो अधिकारी ने खुद ही वरिष्ठ अधिकारी की आवाज में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग पेश कर दी। इस रिकॉर्डिंग के आधार पर एसीबी ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को दस लाख रुपए की रिश्वत के साथ पकड़ भी लिया। हालांकि ट्रैप के बाद जब वास्तविकता सामने आई तो एसीबी टीम भी चकित रह गई। अब एसीबी परिवादी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है।

यह मामला है एसबीआई बैंक की उदयपुर स्थित प्रशासनिक शाखा का। बैंक के एक चीफ मैनेजर ने एसीबी में २४ दिसम्बर को डीजीएम और चीफ मैनेजर (एचआर) पर बहाल करने के बदले दस लाख रुपए मांगने की शिकायत दी। एसीबी ने ३० दिसम्बर को शिकायत की तस्दीक की। प्रशासनिक ब्रांच होने के कारण एसीबी टीम उसके साथ अंदर नहीं जा सकी। ब्रांच से लौटे परिवादी ने बताया कि डीजीएम ने दो लिफाफे दिए हैं और कहा है कि एक लिफाफे में दो लाख और दूसरे में आठ लाख रुपए लेकर आना। तस्दीक कार्रवाई की रिकॉर्डिंग को सुना तो उसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

दो लिफाफों में दस लाख रुपए लेकर पहुंचा परिवादी

तस्दीक के बाद ट्रैप तय हुआ। परिवादी बैंक कार्यालय पहुंचा। उसके पास एक लिफाफे में दो लाख और दूसरे में आठ लाख रुपए की रिश्वत राशि थी। जिन अधिकारियों पर आरोप थे, उनमें से एक का उस दिन जन्मदिन था। वहां कई अधिकारी उनको बधाई देने आए थे। एसीबी के परिवादी ने सम्बंधित अधिकारियों को दोनों लिफाफे दे दिए। उसका इशारा मिलते ही बाहर खड़ी एसीबी टीम ने कार्यालय में धावा बोल दिया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

एसीबी ने सम्बंधित दोनों अधिकारियों को पकड़ा। उनके हाथ धुलवाए तो रसायन युक्त पानी का रंग लाल हो गया। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि शिकायत करने वाले से उनकी रिश्वत को लेकर कोई बात नहीं हुई। वे लिफाफा भी जन्मदिन की बधाई का समझ रहे थे। एसीबी अधिकारियों को संदेह हुआ। उन्होंने रिकॉर्डिंग दुबारा सुनी तो सामने आया कि सम्बंधित अधिकारी की आवाज रिकॉर्डिंग से मेल ही नहीं खा रही। इसके बाद बैंक अधिकारी के चैम्बर के सीसीटीवी फुटेज देखे। यह देख एसीबी अधिकारी चकित रह गए। रिकॉर्डिंग पांच मिनट से अधिक की थी, जबकि फुटेज में सामने आया कि परिवादी चैम्बर में दो मिनट ही रुका था। ऐसे में स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्डिंग में अधिकारी की आवाज बनावटी थी। यह तथ्य आने के बाद एसीबी ने मौके पर ट्रैप की कागजी कार्रवाई पूरी कर उन दो अधिकारियों को छोड़ दिया। अब परिवादी पर ही कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

एफएसएल की रिपोर्ट के बाद लेंगे अंतिम निर्णय

-कार्रवाई के किसी भी स्तर पर कोई तथ्य आता है तो उसे गम्भीरता से लिया जाता है। उदयपुर वाले मामले में कुछ तथ्य आने के बाद कार्रवाई उसी अनुरूप की जा रही है। कुछ तथ्यों को लेकर एफएसएल की मदद ली गई है। रिपोर्ट आने पर अन्तिम निर्णय लिया जाएगा।

- हेमंत प्रियदर्शी कार्यवाहक डीजी एसीबी