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पेपर लीक का वांटेड मास्टरमाइंड स्कूल संचालक चौमूं से दबोचा, जमानत पर छूटते ही हुआ था फरार

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पेपर लीक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विनोद कुमार रैवाड़ को चौमूं से पकड़ा।
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Vinod Kumar Raivad

आरोपी विनोद कुमार रैवाड़। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पेपर लीक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विनोद कुमार रैवाड़ को चौमूं से पकड़ा। आरोपी की चौमूं क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिलने पर एएसपी प्रकाश शर्मा की टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया। वह तीन मामलों में गिरफ्तार हो चुका था। जबकि जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था। एसओजी आरोपी को अन्य दर्ज तीन पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में तलाश रही थी।

आरोपी को अभी एग्रीकल्चर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। राजस्थान एसओजी इससे पहले रेनवाल के डूंगरीकला निवासी आरोपी विनोद को ओडिशा के नयागढ़ से गिरफ्तार किया था, तब आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।

एक-एक परीक्षार्थी को 25-25 लाख में बेचा पेपर

एसओजी ने 10 अप्रेल 2025 में प्राध्यापक स्कूल शिक्षा 2022 पेपर लीक प्रकरण का मामला दर्ज किया। इस मामले में अर्थशास्त्र व्याख्याता का साॅल्वड फोटो कॉपी पेपर के जरिए कई विद्यार्थियों को गैंग ने 25-25 लाख रुपए में परीक्षा से दो घंटे पहले पेपर उपलब्ध करवाया। सांगानेर की सुनीता काॅलोनी निवासी दीपक लक्षकार को पकड़ा।

पूछताछ में उसने गिरोह से 25 लाख रुपए कैश में सौदा तय कर बहन कविता के लिए पेपर खरीदना बताया। कई अन्य परीक्षार्थियों ने भी यह पेपर खरीदा था। इस मामले में आरोपी विनोद रैवाड़ की भूमिका संदिग्ध बताई गई है और पेपर लीक के तार उससे जुड़ना बताया है। इसके अलावा एक उदयपुर के बेकरिया थाने में पेपर लीक प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसमें भी आरोपी वांटेड है।

आरोपी से पूछताछ जारी

एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि पेपर लीक के कई मामलों में वांटेड चल रहे स्कूल संचालक विनोद रैवाड़ को पकड़ा गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिनके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

अब तक कई आरोपी गिरफ्तार

गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे। इन मामलों की जांच एसओजी कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विनोद रैवाड़ की गिरफ्तारी को इस पूरे मामले में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि एग्रीकल्चर पेपर लीक की साजिश में और किन-किन लोगों का हाथ है।

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