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कैचमेंट में बारिश की कमी से बीसलपुर के छलकने की उम्मीद कमजोर

जयपुर

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Newsdesk

Jul 31, 2026

Rajasthan

पानी की आवक कम

राजमहल। राजधानी जयपुर के साथ अजमेर सहित टोंक जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में मानसून की बेरुखी के चलते इस बार बांध के छलकने की उम्मीद धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में आने वाले राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर जिलों सहित आसपास के जलभराव क्षेत्रों में अपेक्षित तेज बारिश नहीं होने से बांध में पानी की आवक कम बनी हुई है।

गत वर्ष 24 जुलाई को पहली बार बांध बनने के बाद जुलाई माह में पूर्ण जलभराव होने के बाद बांध छलक गया था। हालांकि बीसलपुर बांध के बनने के बाद सबसे अधिक बार अगस्त माह में ही पूर्ण जलभराव होकर बांध छलकता आया है। बांध परियोजना के अनुसार वर्तमान में पूर्ण जलभराव क्षमता का 65.77 प्रतिशत पानी बांध में भरा हुआ है, जिसे अगले मानसून सत्र तक जलापूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

बीसलपुर बांध में पूर्ण जलभराव होने पर गेज 315.50 आरएल मीटर दर्ज होता है। इस स्थिति में बांध में 38.70 टीएमसी पानी का जलभराव रहता है। बांध के निकटवर्ती क्षेत्र में बीते पांच दिनों से घनघोर घटाएं छाने के साथ कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी है, लेकिन कैचमेंट एरिया में तेज बारिश का अभाव बना हुआ है। बांध से जलापूर्ति के लिए लगातार पानी की निकासी होने के कारण गेज में भी कमी आ रही है।

24 घंटे में महज एक सेमी बढ़ा गेज

बांध परियोजना के सहायक अभियंता दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध में पानी की आवक कम है, जबकि निकासी लगातार जारी है। बीते 24 घंटे में हुई बारिश के चलते बांध के गेज में महज एक सेमी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के अनुसार बुधवार सुबह 6 बजे बांध का गेज 313.58 आरएल मीटर था, जो गुरुवार सुबह 6 बजे बढ़कर 313.59 आरएल मीटर दर्ज हुआ। बांध में वर्तमान में 25.456 टीएमसी पानी का जलभराव है।

बांध क्षेत्र में बीते 36 घंटे के दौरान 54 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं मानसून सत्र में अब तक कुल 414 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है।

सिंचाई पर संकट के बादल

बीसलपुर बांध का जलभराव आगामी अगस्त और सितंबर के दौरान 80 प्रतिशत से कम रहता है तो जिले के किसानों को बांध से मिलने वाले सिंचाई पानी पर संकट के बादल मंडराने की आशंका है। हालांकि सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार पर निर्भर करता है। बांध परियोजना का मुख्य उद्देश्य पेयजल आपूर्ति है और बांध के पानी पर पहली प्राथमिकता पेयजल की रहती है।

फोटो कैप्शन:
राजमहल. बीसलपुर बांध का जलभराव।