
जयपुर. शहर में पेयजल प्रोजेक्ट की कछुआ चाल के कारण पिछले एक वर्ष के दौरान कोई बड़ा इलाका बीसलपुर सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में जलदाय विभाग 7 करोड़ का मोटा खर्चा कर अप्रेल से अगस्त तक गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था के लिए शहर में टैंकर दौड़ाएगा। वहीं, गर्मी की शुरूआत में ही शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
कम होता खर्चा
2021 में आमेर, जामड़ोली और खो नागोरियान का कुछ हिस्सा बीसलपुर सिस्टम से जोड़ा गया। जिससे इन इलाकों में टैंकर बंद कर दिए गए हैं। जिससे शहर में टैंकर चलाने का खर्चा 10 करोड़ से घट कर 7 करोड़ तक हो गया। इसके बाद कोई नया इलाका नहीं जुड़ा।
किल्लत वाले ये इलाके
● पृथ्वीराज नगर
● सांगानेर, प्रताप नगर
● मानसरोवर क्षेत्र
● हरमाड़ा
● भट्टा बस्ती
● खो नागोरियान
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पृथ्वीराज नगर प्रोजेक्ट
- यह प्रोजेक्ट एक वर्ष की देरी से चल रहा है। जिस हिसाब से काम चल रहा है उससे आगामी 3 माह में क्षेत्र की 2 लाख की आबादी को बीसलपुर का पानी मिलने की उम्मीद नहीं है।
114 करोड़-सांगानेर-डिग्गी रोड प्रोजेक्ट
- प्रोजेक्ट के तहत डिग्गी रोड़ से प्रताप नगर के बीच की 30 से ज्यादा कॉलोनियों की 50 हजार की आबादी को बीसलपुर से पानी देने की योजना थी। लेकिन प्रोजेक्ट का काम अब भी पूरा नहीं हुआ है।
भट्टा बस्ती
- यहां भी 10 करोड़ रुपए की पेयजल परियोजना का काम भी कछुआ चाल से चल रहा है। टंकी की जमीन पर विवाद है।
Published on:
15 Apr 2023 12:46 pm
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