
प्यासी जनता अचेत हुई सरकार के दर, टैंकर खाली हो रहे रसूखदार के घर
जयपुर . भीषण गर्मी में जनता पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हो रही है। वार्ड 34 में तो सोमवार को पानी मांगने जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचे लोगों में से एक महिला अचेत हो गई, जिसे अस्पताल ले जाना पड़ा। जबकि राजस्थान पत्रिका ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन पड़ताल की तो सामने आया कि सरकारी पानी के टैंकर रसूखदारों के यहां खाली हो रहे हैं।
सुनवाई नहीं, परेशानी ने किया अचेत
जयपुर. वार्ड 34 में पानी की किल्लत से परेशान लोग सोमवार को वार्ड में स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान एक महिला बेहोश हो गई, जिसे अस्पताल ले जाना पड़ा। पार्षद धर्मसिंह सिंघानिया ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से लोगों के हिस्से का पानी बेचा जा रहा है। जबकि वार्ड की 30 से 40 तक की कॉलोनियों में लोग पानी की भीषण किल्लत भोग रहे हैं। दो-तीन दिन से क्षेत्र में पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। वार्ड 34 के श्रीजीनगर, अजीतनगर, जीवन विहार, मंगल विहार, गणपति विहार व आसपास की कॉलोनियों में लोग खासे परेशान हैं। अब 7 दिन में हालात नहीं सुधरे तो मुख्य अभियंता मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। लोगों ने बताया कि पानी कम प्रेशर से मिल रहा है। सोमवार सुबह भी कई कॉलोनियों में पानी नहीं आया। प्रदर्शनकारी सीतादेवी ने आरोप लगाया कि विभाग के कार्यालय से टैंकरों में जा रहा पानी बेचा जा रहा है।
एक कॉल पर पार्षद के घर रोजाना पहुंच रहा टैंकर
उधर जनता परेशान है, इधर राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो जनता के लिए चिन्ताजनक और जिम्मेदारों के लिए शर्मनाक हकीकत सामने आई। वार्ड 49 में पार्षद के घर 2000 लीटर का टैंकर खाली हो रहा था। विभाग के पम्प हाउस से निकला यह टैंकर जनता की बजाय सीधे पार्षद मोहनलाल मीणा के घर पहुंचा, जहां टैंकर खाली किया गया। लोगों का आरोप था कि पार्षद के घर में पीछे रंगाई-छपाई का काम चलता है। बीसलपुर का यह पेयजल उसी के काम में लिया जाता है। इसके लिए रोजाना एक टैंकर पानी यहां पहुंचता है। खो-नागोरियन पम्प हाउस से पेयजल सप्लाई करने वाले कुछ कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर अपनी मजबूरी बयान की। बोले, क्या करें सबकी सुननी पड़ती है। अफसरों-नेताओं का फोन आता है तो पानी भेजना ही पड़ता है।
भेजे 80 टैंकर, एंट्री पूरी बता ही नहीं पाए
राजस्थान पत्रिका ने पम्प हाउस पर बैठे कर्मचारियों से पूछा तो बोले, सुबह 7 से 11 बजे तक 80 टैंकर भेजे हैं। इनकी एंट्री के बारे में पूछा तो कर्मचारी हड़बड़ा गए। सिर्फ 14 एंट्रियां बता पाए। बोले, शाम तक सभी एंट्रियां दिखा देंगे। एक घंटे बाद कर्मचारियों ने 70 एंट्रियां दिखाई। शेष 10 टैंकरों के बारे में उनके पास कोई जवाब नहीं था।
ठेकेदार के भरोसे पम्प हाउस
खो-नागोरियन में विभाग ने नया कार्यालय बनाया है लेकिन बीसलपुर परियोजना की लाइन नहीं डलने के कारण अधिकारी वहां नहीं बैठते। ऐसे में विभाग का काम ठेकेदार के भरोसे ही चल रहा है।
Published on:
21 May 2018 09:08 pm
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