जयपुर को 2050 की आबादी के हिसाब से मिलेगा बीसलपुर का पानी

राजधानी के लोगों के लिए राहत की खबर है। बीसलपुर बांध से जयपुर को 2050 की आबादी की पेयजल जरूरतों के हिसाब से पानी मिल सकेगा। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) (Department of Water Resources) ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) (Water supply department) को 5.5 टीएमसी अतिरिक्त पानी देने की सहमति दे दी है। हालांकि यह पानी जयपुर बीसलपुर पेयजल (Bisalpur Dam Water) परियोजना के फेज-द्वितीय के लिए चरणबद्ध मिलेगा।

By: Girraj Sharma

Published: 06 Jul 2021, 10:53 PM IST

जयपुर को 2050 की आबादी के हिसाब से मिलेगा बीसलपुर का पानी
— 5.5 टीएमसी अतिरिक्त पानी देने की जल संसाधन विभाग ने दी सहमति
— 2050 की जरूरत के लिए बीसलपुर से पानी देने की सहमति
— जयपुर बीसलपुर पेयजल परियोजना के फेज-द्वितीय के लिए मिलेगा पानी
— अगले तीस सालों में चरणबद्ध तरीके से पानी मिलना होगा शुरू

जयपुर। राजधानी के लोगों के लिए राहत की खबर है। बीसलपुर बांध से जयपुर को 2050 की आबादी की पेयजल जरूरतों के हिसाब से पानी मिल सकेगा। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) (Department of Water Resources) ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) (Water supply department) को 5.5 टीएमसी अतिरिक्त पानी देने की सहमति दे दी है। हालांकि यह पानी जयपुर बीसलपुर पेयजल (Bisalpur Dam Water) परियोजना के फेज-द्वितीय के लिए चरणबद्ध मिलेगा। जयपुर को जितने पानी की आवश्यकता होगी, बीसलपुर से उतना पानी हर साल मिलता जाएगा।

जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार जयपुर के लिए अभी बीसलपुर बांध से 11.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। यह पानी 2021 की आबादी के हिसाब से आरक्षित है। इसमें से जरूरत के हिसाब से जयपुर को पानी मिल रहा है। अब 2050 की आबादी के हिसाब से अतिरिक्त पानी आरक्षित होने से जयपुर का कुल कोटा 16.7 टीएमसी हो जाएगा। हालांकि यह पानी जलदाय विभाग की जयपुर बीसलपुर पेयजल परियोजना के फेज-द्वितीय के पूरा होने के बाद ही मिलना शुरू होगा और वह भी जयपुर की जरूरत के हिसाब से चरणबद्ध रूप से मिलेगा।

जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव नवीन महाजन ने बताया कि 2050 की जरूरत के लिए बीसलपुर से पानी देने की सहमति दी है। जलदाय विभाग को जयपुर बीसलपुर पेयजल परियोजना के फेज-द्वितीय के लिए अगले 30 सालों में चरणबद्ध तरीके से यह पानी दिया जाएगा।

ये है बीसलपुर पेयजल परियोजना के फेज-द्वितीय
— 5.5 टीएमसी पानी चाहिए
— 475 स्वायर किलोमीटर राजधानी के नगर निगम सीमा क्षेत्र में मिलेगा पानी
— 2050 तक शहर की 50 लाख तक की आबादी को मिल सकेगा पानी
— 11 सौ तीन करोड़ रुपए की है परियोजना
— 2 फेज में हो रहा है काम, अभी फस्र्ट फेज का चल रहा है काम

जल संसाधन विभाग की ये भी तैयारी
— माही डैम से 334 गांवों की पेयजल परियोजना के लिए 2.85 एमसीएम पानी आरक्षित किया जाएगा।
— इंदिरा गांधी कैनाल क्षेत्र में मुख्य नहर के साथ 'एस्केप चैनल्स' में बहने वाले पानी को 'रिजर्वायर्स' बनाकर सदुपयोग करने पर भी कार्रवाई शुरू।
— कोटा रीजन में भी कुछ पेयजल परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पानी लेने की सहमति बनी है।
— सतही जल स्रोतों के अलावा पानी को संग्रहित करने के लिए अन्य स्थानों पर भी 'एस्केप मॉडल' पर कार्य करने की तैयारी।

Girraj Sharma Desk
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