
Jal Jeevan Mission 4 अधीक्षण अभियंताओं व एक अतिरिक्त मुख्य अभियंता को चार्जशीट
Rajasthan Jal Jeevan Mission प्रदेश में 'हर घर जल' कनेक्शन के टारगेट को पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के कार्यों की 'माइक्रो मॉनिटरिंग' होगी। इसके लिए अलग—अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसमें अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं काम में लापरवाही पर 4 अधीक्षण अभियंताओं के अलावा भरतपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता को चार्जशीट मिलेगी, जबकि जयपुर में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) को कारण बताओ नोटिस जारी होगा। जलदाय विभाग के एसीएस सुधांश पंत ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में इस बारे में निर्देश दिए।
एसीएस ने प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों को पूरा करने में लापरवाही और देरी के कारण रेग्यूलर विंग में धौलपुर, भरतपुर व जोधपुर (ग्रामीण) के अधीक्षण अभियंता और भरतपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता तथा प्रोजेक्ट विंग में जोधपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता को 16 सीसीए के तहत चार्जशीट देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जयपुर में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी कांट्रेक्टर्स के साथ पूर्ण समन्वय एवं सामंजस्य रखें तथा सभी कार्यों में निर्धारित पैरामीटर्स की पालना सुनिश्चित करे।
यूं सौंपी जिम्मेदारी...
एसीएस सुधांश पंत ने बताया कि रेग्यूलर विंग और मेजर प्रोजेक्ट्स में अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर प्रतिदिन, अधीक्षण अभियंता दो दिन में एक बार, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सप्ताह में दो दिन, मुख्य अभियंता (जल जीवन मिशन व विशेष प्रोजेक्ट्स) सप्ताह में एक बार तथा जेजेएम के मिशन निदेशक दो सप्ताह में एक बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए इस नई व्यवस्था के बारे में प्रति सप्ताह रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाए। एसीएस स्वयं इसकी नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रति माह ओवर ओल प्रोग्रेस को रिव्यू करेंगे।
रणनीति और एप्रोच पर लिया फीडबैक
पंत ने वीसी में रीजन एवं प्रोजेक्टवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से आने वाले दिनों में लक्ष्यों को हासिल करने की रणनीति और एप्रोच के बारे में विस्तार से फीडबैक लिया। उन्होंने इस दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता और अन्य कार्यालयों के स्तर पर बिड ओपनिंग के बाद मैरिट के आधार पर मूल्यांकन करते हुए जल्द से जल्द कार्यादेश जारी करने तथा जिन परियोजनाओं के कार्यादेश जारी हो गए हैं, उनका कार्य शीघ्रता से शुरू करने के लिए संवेदकों के साथ औपचारिक प्रक्रियाओं को बिना विलम्ब के पूर्ण करने के निर्देश दिए।
Published on:
24 Dec 2021 07:18 pm
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