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जयपुर

गांवों में घर—घर नल कलेक्शन की संख्या बढ़कर हुई रोजाना 8 हजार

Jal Jeevan Mission Target: जल जीवन मिशन में प्रतिदिन होने वाले जल कनेक्शनों (एफएचटीसी) की संख्या 8 जनवरी को 8153 तक पहुंच गई। 7 जनवरी को यह आंकडा 6 हजार था।

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जयपुर। जल जीवन मिशन में प्रतिदिन होने वाले जल कनेक्शनों (एफएचटीसी) की संख्या 8 जनवरी को 8153 तक पहुंच गई। 7 जनवरी को यह आंकडा 6 हजार था। जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में औसत कनेक्शन 5207 प्रतिदिन की रफ्तार से हुए। इससे पहले दिसम्बर माह के आखिरी सप्ताह में भी जल कनेक्शनों की संख्या औसत लगभग 5 हजार प्रतिदिन रही। करौली जिले ने जनवरी में सर्वाधिक 1,195 प्रतिदिन जल कनेक्शन किए हैं, जबकि जयपुर में 694 कनेक्शन प्रतिदिन हो रहे हैं। ये आंकड़े मंगलवार को एसीएस जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल की समीक्षा बैठक में सामने आए।

एसीएस ने जल जीवन मिशन एवं विभाग की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। डॉ. अग्रवाल ने प्रतिदिन औसतन जल कनेक्शन 6 हजार तक पहुंचने को विभाग की उपलब्धि बताया और फील्ड अभियंताओं को तय लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दिसम्बर एवं जनवरी माह में बना यह मोमेन्टम बरकरार रखते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण घरों को जल कनेक्शनों से जोड़ना होगा।

नहरबंदी के दौरान पर्याप्त पेयजल स्टोरेज रखने के निर्देश
डॉ. अग्रवाल ने मार्च से प्रस्तावित नहरबंदी के दौरान प्रभावित होने वाले 10 जिलों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के लिए तैयारियां अभी से ही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल के स्टोरेज के लिए जलाशयों एवं डिग्गियों में अतिरिक्त पानी रखने और ट्यूबवैल-हैण्डपंप के लिए अभी से प्रस्ताव भेजने को कहा। नहरबंदी के दौरान बीकानेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चुरू, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर अधिक प्रभावित रहेंगे, जबकि सीकर एवं झुंझुनूं आंशिक प्रभावित रहेंगे। इन दस जिलों के 49 शहरों एवं करीब 7500 गांवों में पेयजल व्यवस्था का प्रबंधन किया जाना है।

क्वालिटी कंट्रोल टीमें करें व्यापक दौरे
एसीएस ने क्वालिटी कंट्रोल टीमों की ओर से किए गए निरीक्षणों एवं पाइप सैम्पलिंग के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण दलों के दौरे बढ़ाने एवं कम गुणवत्ता की सामग्री काम में लेने पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।