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ऐसा हिन्दू राष्ट्र नहीं चाहिए जो अन्य वर्ग को अलग करता हो : राजीव भार्गव

सेशन: दी न्यू इंडियाः बिटवीन होप एंड डेस्पायरस्पीकर परकला प्रभाकर और राजीव भार्गव की बातचीत वैन्यू : दरबार हॉल हिन्दू धर्म को संभालना और आगे बढ़ाना एक बात, लेकिन उसके लिए दूसरों को अलग करना सही नहीं हमारे पास सभी के लिए जगह, हिन्दुस्तानी राष्ट्र बेहतर

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जयपुर

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Vikas Jain

Feb 03, 2024

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दी न्यू इंडिया बिटवीन होप एंड डेस्पायर सत्र में लेखक राजीव भार्गव ने अपनी बुक और देश में बदलते माहौल पर चर्चा की। उन्होंने कहा इस बुक में हमारी नैतिकता से जुड़ी बातों का जिक्र है। आज नैतिकता में बड़ा बदलाव आया है। हम लोग सही-गलत, अच्छे और बुरे का अंतर भूल गए हैं। हमारे दिमाग से इस तरह की चीजे धीरे-धीरे निकल गई हैं। अगर हमें पता भी है कि अच्छा-बुरा क्या है तो उसे बोल भी नहीं पाते। यह हमारे देश के लिए खतरनाक है। हमें बोलने का हक है और हम कमिटेड देशवासी हैं और हम ही नहीं बोले तो गलतियां करने वाले कैसे सुधरेंगे। सुधारे बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता।

हमें अपने सैद्धांतिक अधिकारों को नहीं भूलना चाहिए। यह अधिकार बने रहने चाहिए, जो देश की प्रगति और नागरिकों को आगे लाने के लिए आवश्यक हैं। हिन्दू राष्ट्र बनने की विचारधारा पर उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म को संभालना और उसको आगे बढ़ाना एक बात है, लेकिन उसे बढ़ाने के लिए दूसरों पर अत्याचार करना या दूसरों को अलग कर देना सही नहीं है। मैं एक प्राउड हिन्दू हूं और हिन्दू के कल्चर व हिन्दू धर्म की अच्छी बातों को आगे बढ़ाने के लिए अग्रसर हूं। लेकिन इसको आगे बढ़ाने के लिए दूसरों का शोषण कर उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। ऐसा हिन्दू राष्ट्र हमें क्यों चाहिए। हमारे पास सभी के लिए जगह है, हिन्दुस्तानी राष्ट्र बेहतर है। सभी को उसी तरह आगे बढ़ाना चाहिए।

हम यूरोप की बुराइयां क्यों अपना रहे ?

भार्गव ने कहा कि यूरोप में बहुत अच्छाईयां हैं, हम यूरोप की बुराईयां क्यों अपना रहे हैं। ये सभी यूरोपियन आइडियाज हैं और इन सभी चीजों के कारण यूरोप बर्बाद हुआ है। उन्होंने जूस के साथ कितना बुरा किया। अब जूस को दूर नहीं रख रहे। ऐसे में एक दिन ऐसा भी आएगा, जब वे मुस्लिमों को भी अपनाएंगे। लेकिन हम इन्हें छोड़ रहे हैं।