Rajasthan Weather Forecast : उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में नया मौसम तंत्र बन चुका है। तीन दिन से रोजाना हो रही बारिश के कारण नमी की मात्रा पचास प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है।
Rajasthan Weather forecast : जयपुर। उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में नया मौसम तंत्र बन चुका है। तीन दिन से रोजाना हो रही बारिश के कारण नमी की मात्रा पचास प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मिल रही नमी के कारण रात के समय मई माह में अक्टूबर जैसी सर्दी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27, 28 व 29 मई को फिर से भारी बारिश, तेज आंधी-अंधड़ और ओलावृष्टि हो सकती है। उस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलेंगी। उसके बाद 30 व 31 मई को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।
वहीं प्रदेश में तूफान और बारिश के दौरान हुए हादसों में पांच बच्चों सहित 16 जनों की मौत हो गई। वहीं, सैकड़ों पशु-पक्षी मर गए। सैकड़ों मकान ढह गए तो पेड़ गिर गए। तूफान से टोंक जिले में सर्वाधिक मौत हुई हैं। जिले में अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में 12 जनों की मौत हो गई। आधी रात को आए तूफान के दौरान लोग घरों में सो रहे थे। सोते हुए लोगों की आंखें हमेशा के लिए बंद हो गई।
दो बाद फिर बदलेगा मौसम
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश में 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है । जिसका असर से अगले सप्ताह तक हीटवेव नहीं चलेगी। बदलते मौसम के बीच जयपुर मौसम केंद्र ने अलर्ट जारी किया है कि लोग मेघ गर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर ही शरण लें। पेड़ों के नीचे शरण ना लेवें और मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें।
जून में पश्चिमी राजस्थान में ज्यादा बारिश
मौसम विज्ञान विभाग की सूचना के अनुसार राजस्थान में जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी, जबकि अन्य हिस्सों में मानसून की बारिश सामान्य से कम ही रहने वाली है।
कहां कितनी रही बारिश (बीते 24 घंटे में मिलीमीटर में )
जयपुर : 31.6
पिलानी : 50.2
सीकर : 32
संगरिया हनुमानगढ़ : 31
करौली : 36.5