हिल स्टेशन माउंट आबू में तापमान जमाव बिंदु के नजदीक दर्ज होने से ओस की बूंदें जम गईं। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी यही हालात मौसम में नजर आए। वहीं शेखावाटी अंचल भी पूरी तरह से सबसे सर्दी वाली जगहों में शुमार है।
जयपुर. हिल स्टेशन माउंट आबू में तापमान जमाव बिंदु के नजदीक दर्ज होने से ओस की बूंदें जम गईं। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी यही हालात मौसम में नजर आए। वहीं शेखावाटी अंचल भी पूरी तरह से सबसे सर्दी वाली जगहों में शुमार है। फतेहपुर, चूरू सहित अन्य जगहों पर पारा पांच डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। आगामी दिनों में पारे में गिरावट होने से सर्दी का असर मौसम पर हावी रहेगा। वहीं माउंट आबू का पारा बीती रात को पारा एक डिग्री, फतेहपुर का 4.2, चूरू का पांच डिग्री, उदयपुर का आठ, श्रीगंगानगर का आठ, जयपुर का 11 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।
यह है वजह
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक अब उत्तर भारत से सर्द हवाओं का असर दिनों दिन तेजी से हावी हो रहा है। इस कारण शेखावाटी के सीकर, चूरू के अलावा प्रदेश के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, नागौर में सुबह शाम गलन भरी सर्दी पड़ने लगी है। माउंट आबू में इस बार पिछले साल से इस बार 14 दिन पहले ही यहां बर्फ जम गई है। आगामी दिनों में सर्दी का असर ओर ज्यादा मौसम पर हावी रहेगा।
प्रमुख जगहों का पारा
प्रदेश में सात जगहों पर बीती रात का तापमान दस डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में भी तेज सर्दी अपना असर दिखा रही है। बीते 24 घंटों में राजधानी जयपुर में जहां दिन का तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया, तो वही जयपुर में रात का तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया।
ठंड से जमा माउंट आबू
17 साल बाद एक दिसम्बर को न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गत वर्ष एक दिसम्बर को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस था। वहीं फतेहपुुर में पारा 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। जयपुर में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री रहा। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार एक-दो दिन बाद तापमान में और गिरावट होगी। सर्दी का असर बढ़ेगा।
रातें अधिक ठंडी और दिन गर्म रहेंगे
मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को शीत ऋतु का पूर्वानुमान जारी किया। जिसके अनुसार दिसम्बर से फरवरी तक रात का तापमान औसत या औसत से कम रहेगा। जबकि दिन के समय तापमान अधिकांश स्थानों पर औसत से अधिक रहने का अनुमान है। इन तीन महीनों में पूर्वी राजस्थान में औसत से कम तापमान रहेगा, वहीं पश्चिमी राजस्थान में औसत से अधिक रहेगा। दिसम्बर माह में राज्य के कड़ाके की ठंड पड़ेगी।