
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/जयपुर/बगरू ग्रामीण। मौसम के बदलते मिजाज से किसानों की खरीफ की फसलों का गणित गड़बड़ाने की आशंका सताने लगी है। अप्रैल माह में गर्मी का असर कम रहने से जमीन के तपने की आस अधूरी रहने से किसान चिंतित एवं मायूस हो रहे हैं। क्षेत्र के चिंतित किसानों ने बताया कि गर्मी का असर कम रहने से मूंगफली फसल सहित अन्य खरीफ की फसलों पर उत्पादन पर असर पड़ेगा। जबकि किसानों ने क्षेत्र में अधिकांश खेत खरीफ फसल बुआई के लिए तैयार कर लिया है।
रोहिणी नहीं तपने से फसल उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं। किसान जगदीश चौधरी, मुकेश गुर्जर, सीताराम खारोल, हनुमान जाट आदि ने बताया कि पूर्व में अप्रैल माह में बारिश का दौर नहीं चलने के साथ तेज तपन होने से जमीन में पड़े लट व कीट आदि खत्म हो जाते थे। लेकिन इस बार अप्रैल माह में गर्मी का असर कम रहने से अभी तक रोहिणी नहीं तपने से खरीफ फसलों में पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा। किसानों ने बताया कि जून माह के अंतिम सप्ताह में मानसून का दौर शुरू हो जाता है।
तरबूज एवं सब्जी की फसलों में खराबा:
क्षेत्र में मौसम के प्रतिकूल रहने से तरबूज एवं सब्जी की फसलों में खराबा होने से किसान मायूस हैं। किसान नेता कमल चौधरी टिकेल नरूकान ने बताया कि क्षेत्र के राजपुरा, कोदर, अवानियां, शेरपुरा, नयाबास, केसरीसिंहपुरा, श्योसिंहपुरा आदि गांवों में आसमान में बादल छाने से तरबूज व सब्जी की फसलें प्रभावित हो रही है। तरबूज की फसल को अधिक तापमान की आवश्यकता होती है। लू के थपेड़े नहीं चलने से तरबूज की फसल पकाव नहीं ले रही है। वहीं सब्जी की फसलों में बादल छाने से खराबा होने लगा है।
क्षेत्र में मौसम अनुकूल नहीं रहने से खरीफ की फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा। उत्पादन कम होने की आशंका को लेकर किसान चिंतित हैं।
सुरज्ञान चौधरी, सरपंच, ग्राम पंचायत मंडोर
Published on:
06 May 2023 06:36 pm

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