
जयपुर। राजस्थान में पश्विमी विक्षोभ का असर शुरू हो गया है। कई जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। इसके अलावा कुछ जिलों में ओले भी गिरे। इससे दिन के तापमान में दो से पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज हुई है। मौसम केन्द्र के अनुसार जोधपुर, भीलवाड़ और पाली में बारिश हुई।
इसी प्रकार जैसलमेर में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम केन्द्र के अनुसार जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में दोपहर बाद तेज मेघगर्जन के साथ आंधी चली। इस दौरान हवा की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
मौसम केन्द्र के अनुसार शुक्रवार को भी जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में पुनः दोपहर बाद तेज मेघगर्जन, आंधी, हल्की मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है।
आंधी बारिश की गतिविधियां 3 से 7 मई के दौरान राज्य के कुछ भागों में जारी रहेंगी। इस दौरान तापमान में 3-5 डिग्री गिरावट होने से हीटवेव से राहत मिलने की प्रबल संभावना है। इधर, गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक दिन का तापमान जैसलमेर में 46.7 डिग्री दर्ज किया गया। इसीप्रकार रात का न्यूनतम तापमान डबोक में सबसे अधिक 30.4 डिग्री दर्ज किया गया।
झालावाड़ जिले में शाम को आंधी के साथ करीब 15 से 20 मिनट जोरदार बारिश हुई। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल टूट गए, तो कई स्थानों पर टिन-टप्पर उड़ गए। हालांकि दोपहर तक तेज धूप निकली। चार बजे बादल छाए। पांच बजे बाद चली आंधी में रायपुर व सुनेल क्षेत्र में कई जगह पेड़ धराशायी हो गए। रायपुर क्षेत्र के हिम्मतगढ़, टिकटिकिया, तेलियाखेड़ी आदि गांव में बारिश होने से किसानों के खेतों में पड़े प्याज खराब हो गए। वहीं भूसा भी खराब हो गया।
लगातार 45-46 डिग्री और उससे ऊपर तापमान के चलते तप रहे जैसलमेर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम में गुरुवार को एकाएक हुए मौसमी बदलाव के चलते राहत की बारिश हुई। आसमान में बिजली की तेज गडगड़़ाहट के बीच रुक-रुक कर शाम के समय हुई पहले धीमी और बाद में तेज बरसात से पूरा वातावरण एकदम से बदल गया। इस दौरान कुछ देर के लिए आसमान से बेर के आकार के ओले भी जमीन पर गिरे।
शहर के मौसम में बदलाव का मंजर शाम 4 बजे के आसपास शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा। शीतल हवा के झोंकों के साथ बरसात की संगत ने पूरी रंगत बदल दी। जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत की बूंदें खूब बरसी। शाम 5.50 बजे के आसपास तो मानसूनी बरसात के जैसे तेज गति से आसमान से जलराशि गिरी। थोड़ी देर में घरों आदि भवनों की छतों की नालियों से सडक़ों पर पानी गिरने लगा।
सडक़ें व गलियां पूरी तरह से तरबतर हो गईं। हर किसी ने बाहें फैला कर इस बेमौसमी बारिश का स्वागत किया। उन्होंने बरसाती पानी में नहाने का लुत्फ उठाया। बच्चों में खास उत्साह देखा गया। इस दौरान दिन भर बिजली की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा। बरसात और उसके बाद तो विद्युत लम्बी अवधि तक गुल रही। जिसके कारण लोगों की परेशानियों में इजाफा हो गया।
Updated on:
01 May 2025 07:58 pm
Published on:
01 May 2025 07:50 pm
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