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जयपुर। राजस्थान के कई जिलों में बीते 24 घंटे में रेकॉर्ड बारिश हुई है। अक्टूबर महीने में अभी तक की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम केन्द्र के अनुसार अरब सागर की खाड़ी में एक अवदाब बनने और एक परिसंचरण तंत्र उत्तर-पूर्वी राजस्थान व आसपास क्षेत्र के ऊपर अवस्थित है। इसके असर से राज्य के दक्षिणी व पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक तीव्र चक्रवर्ती तूफान 'मोंथा' आंध्रप्रदेश तट के पास बना हुआ है। इस चक्रवाती तूफान के असर से राजस्थान में आने वाली पूर्वी हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई है।
बीते 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश बूंदी के नैनवां में 130 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके अलावा भीलवाड़ा में 88 और चित्तौड़गढ़ में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम केन्द्र के अनुसार अक्टूबर महीने में तीनों जगह पहली बार इतनी बारिश रेकॉर्ड की गई है। इधर, बारिश के चलते हवा में नमी बढ़ने से दिन में सर्दी का अहसास होने लगा। दिन और रात के तापमान गिरावट दर्ज की गई। दिन का पारा पांच और रात का पारा चार डिग्री तक गिर गया। मौसम मौसम केन्द्र के अनुसार मंगलवार को उदयपुर, कोटा संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी और अजमेर, जयपुर और भरतपुर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश हुई।
राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में 29 अक्टूबर से कमी होने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में आगामी 4-5 दिन हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केन्द्र के अनुसार पश्चिमी राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्र, बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र में आगामी 4-5 दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, एक और नया पश्चिमी विक्षोभ तीन नवंबर को पुनः सक्रिय होने से पश्चिमी व पूर्वी भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।
Updated on:
28 Oct 2025 09:33 pm
Published on:
28 Oct 2025 09:33 pm
