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क्षमता से अधिक वेट ट्रेनिंग दे सकती है नुकसान, बरतें सावधानी

युवाओं को हैवी वेट जिमिंग दे रही slip disc और साइटिका - जिम में शरीर की पोजीशन और टेक्निक पर नहीं दे रहे ध्यान , जल्दी मसल बनाने के लिए ले रहे है स्टीरॉयड

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क्षमता से अधिक वेट ट्रेनिंग दे सकती है नुकसान, बरतें सावधानी

क्षमता से अधिक वेट ट्रेनिंग दे सकती है नुकसान, बरतें सावधानी

जयपुर. सावधान! अगर आफ फिट दिखने के चक्कर में कुछ जल्दी में हैं और जिम में जरूरत से ज्यादा वजन उठा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। राजधानी में 10 फीसदी लोग हैवी वेट जिमिंग के चलते हड्डियों और कमर दर्द से परेशान हैं। शहर के तमाम युवा "टोंड बॉडी" और हार्ड जिमिंग के चलते अपनी क्षमता से ज्यादा वजन के साथ एक्सरसाइज करते हैं। इससे मसल्स फ्रैक्चर, हड्यिों के जोड़ों मे दिक्कत, slip disc और साइटिका जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई बार जोश-जोश में युवा शरीर या मसल्स में खिंचाव या फिर दर्द होने पर भी हैवी वेट के साथ जिमिंग करते रहते हैं। Experts का कहना है कि वेट ट्रेनिंग के दौरान अक्सर सांसों को रोका जाता है, मसल्स को भी कुछ आराम दिया जाता है। वजन उठाते समय शरीर की पोजीशन और टेक्निक दोनों का सही होना जरूरी है। हैवी वेट जिमिंग से घुटने के लिगामेंट्स में चोटें आ रही हैं। लोग अवस्कुलर नेक्रोसिस के भी शिकार हो रहे हैं। पौष्टिक आहार न लेने से भी जोड़ों और हड्डियों में कई समस्याएं हो रही हैं।


रोज 8 से 10 मरीज पहुंच रहे अस्पताल , बढ़ रही है एवस्क्यूलर नेक्रोसिस की समस्या
सवाई मान सिंह अस्पताल के चिकित्सक डॉ विशाल शेखावत कहते हैं कि जनरल ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर के बिना ही लोग गलत तरीके से वेट ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं। इससे कंधो में "रोटेट कफ टियर "की समस्या हो जाती है। इसके चलते तमाम एथलीट्स का कॅरियर खत्म हो गया। ऐसे युवा भी सामने आ रहे है जो जल्दी मसल और वजन बढ़ाने के लिए स्टीरॉयड का सहारा लेते है । बहुत ज्यादा स्टीरॉयड लेने से एवस्कुलर नेक्रोसिस की समस्या हो सकती है जिस कारण से ज्वाइंट खराब हो जाते है ।

14 हजर तक सालाना पैकेज
शहर में करीब 1747 जिम हैं जिनमें 12 से 14 हजार तक के सालाना पैकेज हैं। शरीर की सही पोजीशन, टेक्निक और ट्रेनर की गाइडलाइन को फॉलो कर लोग फिट भी हो रहे हैं लेकिन तमाम लोग लापरवाही और ओवर कांफिडेंस के चलते कई समस्याओं से पीडि़त भी हैं।

केस .1
ज्यादा वजन उठाना महंगा पड़ गया
ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अंशुल गोयल ने बताया कि ज्यादा वजन उठाने से रीढ़ की हड्डी की disc अपनी जगह से खिसक गई और साइटिका ने भी परेशान किया। 7 महीने तक बेड रेस्ट लेना पड़ा और 2 लाख रुपए इलाज में खर्च हो गए।

केस. 2
आंखों के सामने छा गया अंधेरा
राजा पार्क निवासी दीपक कुमार ने बताया कि शुरुआती साल में निर्धारित 40 से 50 किलो की जगह 100 किलो तक वजन उठाया। इससे शरीर में दर्द रहना शुरू हो गया। वजन उठाने के साथ ही दर्द बढ़ता गया और एक दिन दर्द इतना बढ़ गया कि आंखों के सामने बेहोशी छा गई।

जोश में होश न खोएं युवा
होड़ में युवा अपनी क्षमता से ज्यादा वेट उठा रहे हैं। वे कम समय में ज्यादा परफार्मेंस चाहते हैं। कई बार 100 से 200 किलो वजन तक उठाने की कोशिश करते हैं। इससे उन्हें स्लिप डिस्क, साइटिया, कमर दर्द की दिक्क्त होने लगती है।
मोहित शर्मा, जिम ट्रेनर