
where to get life, death and marriage certificates from in Jaipur
जयपुर। अब जन्म-मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्र नगर निगम के जोन कार्यालयों में ही बन रहे हैं। शहर के चार बड़े अस्पतालों को छोड़कर जिस जोन क्षेत्र में जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन होगा, उसी जोन में लोगों को प्रमाण पत्र मिलेगा। यह स्थिति जन्म-मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्रों पर डिजिटल साइन होने के बाद हुई, जिसके चलते नगर निगम मुख्यालय पहुंचने वाले लोगों को चक्कर काटकर वापस लौटना पड़ रहा है। मुख्यालय पर ये प्रमाण पत्र तभी बन रहे हैं, जब जोन का डिप्टी रजिस्ट्रार ऑनलाइन उस पर साइन कर दे, जबकि हकीकत में एेसा होता नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जनवरी से जन्म-मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्रों पर डिजिटल साइन अनिवार्य कर दिए हैं। इससे नगर निगम में बनने वाले इन प्रमाण पत्रों को लेकर भी नई व्यवस्था शुरू हो गई है। जिस जोन क्षेत्र में जन्म-मृत्यु का पंजीयन होता है, उसी जोन में निगम प्रशासन ने ये प्रमाण प्रत्र बनाना अनिवार्य कर दिया है। वहीं जिन जोन क्षेत्र में विवाह हुआ है, उसका भी विवाह प्रमाण पत्र उसी
जोन कार्यालय में बन सकेगा। हालांकि निगम अधिकारियों का तर्क है कि इससे लोगों को सहूलियत होगी, वह अपने नजदीक ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकेगा।
मुख्यालय में इनके बन रहे प्रमाण पत्र
नगर निगम मुख्यालय में सिर्फ शहर के चार बड़े अस्पतालों में पंजीकृत लोगों के ही जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र बन रहे हैं। इनमें सवाई मानसिंह अस्पताल सहित चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल, सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय, जेएलएन मार्ग स्थित जेकेलोन अस्पताल में पंजीकृत आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में पंजीकृत आवेदक के भी जन्म व मृत्यु के प्रमाण पत्र मुख्यालय में बन रहे हैं। अन्य किसी भी अस्पताल में पंजीकृत आवेदक के प्रमाण पत्र मुख्यायल में नहीं बन रहे। निगम अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय में जोन क्षेत्र में पंजीकृत आवेदकों के प्रमाण पत्र जोन के डिप्टी रजिस्ट्रार के डिजिटल साइन करने के बाद ही बनेंगे, जबकि जानकारों का कहना है कि ऐसा बहुत कम हो रहा है। लोगों को अब जोनों में प्रमाण प्रत्र बनवाने पड़ रहे हैं।
लोग काट रहे चक्कर
जन्म-मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्रों के लिए लोग अभी भी लालकोठी स्थित नगर निगम मुख्यालय में पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां प्रमाण पत्र नहीं बनने से लोगों को चक्कर काटकर वापस लौटना पड़ रहा है। रोजाना ऐसे सैकड़ों लोग निगम मुख्यालय में पहुंच रहे हैं, जिन्हें बाद में प्रमाण पत्र जोनों में बनवाना पड़ रहा है।
जन्म-मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्रों में डिजिटल साइन होने से अब संबंधित जोन में ही प्रमाण पत्र बन रहे हैं। डिजिटल साइन होने से फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगी है। शुरुआत में कुछ समस्याएं आती हैं, लेकिन जो समस्याएं आ रही हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास कर रहे हैं।
रवि जैन, आयुक्त, नगर निगम
Published on:
24 Feb 2018 03:02 pm
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