
ring road Jaipur
जयपुर। राजधानी जयपुर के रिंग रोड प्रोजेक्ट का अजमेर रोड से टोंक रोड के बीच के हिस्से का सितम्बर के अाखिर तक उद्घाटन की तैयारी है। इसके लिए एनएचएआइ अजमेर रोड से टोंक रोड के बीच के 27 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने में जुटा है।
जानकारी के अनुसार रिंग रोड के टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच के सीमेंट—कंक्रीट ट्रेफिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य पहले पूरा हो जाएगा। सितम्बर 2018 के अंत तक इस हिस्से में काम पूरा होने की संभावना है। टोंक रोड से अजमेर रोड की तरफ 20 किलोमीटर लम्बाई में 6 लेन सीमेंट—कंक्रीट कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है। बाकी का हिस्सा बनाने के लिए दिन—रात काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि अजमेर रोड और टोंक रोड के बीच के हिस्से में रेलवे ओवरब्रिज या बड़े पुल नहीं बनाने हैं। इसलिए इस हिस्से का काम पहले पूरा होगा। जबकि टोंक रोड से आगरा रोड के बीच आरओबी और द्रव्यवती नदी पर बन रहा पुल दो बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनको पूरा करने में समय लगेगा। इसे देखते हुए राज्य सरकार आचार संहित लगने से पहले अजमेर रोड से टोंक रोड के बीच के रिंग रोड का उद्घाटन कर इसका चुनाव में लाभ लेना चाहती है।
अब दिनरात चल रहा है काम
जानकारों के अनुसार रिंग रोड के सीमेंट—कंक्रीट कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इससे ज्यादा तापमान होने पर सीमेंटेड कॉरिडोर में दरारें आ जाती है। मॉनसूनी बरसात के बाद जयपुर में इन दिनों तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही चल रहा है। गौरतलब है कि अप्रैल 2018 से जुलाई के पहले सप्ताह तक जयपुर में भीषण गर्मी के कारण दिन में काम बंद करना पड़ा था। रिंग रोड के पहले चरण में आगरा रोड से टोंक रोड होते हुए अजमेर रोड तक पहले चरण की लम्बाई 47 किलोमीटर है। टोंक रोड से अजमेर रोड तक के हिस्से की लम्बाई 27 और टोंक रोड से आगरा रोड तक लम्बाई 22 किमी है। 47 किमी लम्बे रिंग रोड के सीमेंटेड कॉरिडोर का हिस्सा 42 किमी लम्बा होगा। बाकी के हिस्से की लम्बाई में रेलवे ओवर ब्रिज, द्रव्यवती नदी पर पुल और ब्रिज बन रहे हैं। इसके कारण सीमेंटेड कॉरिडोर की लम्बाई कुल लम्बाई से 5 किमी कम रहेगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार —
अजमेर रोड और टोंक रोड के बीच के हिस्से का काम पहले पूरा किया जा रहा है। यहां पर सितम्बर के आखिर तक ट्रेफिक कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाएगा। सरकार इस हिस्से का उद्घाटन कर सकती है।
अजय, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ
Published on:
04 Aug 2018 11:39 am
