
स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंह स्वदेशी एलसीए तेजस फाइटर जेट का संचालन करने वाली विशिष्ट '18 फ्लाइंग बुलेट्स' स्क्वाड्रन में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पापड़ा गांव की ढाणी जीतरवालों की निवासी मोहना सिंह ने हाल ही जोधपुर में 'तरंग शक्ति' अभ्यास के दौरान तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।
स्क्वाड्रन लीडर मोहना उन तीन महिलाओं के पहले समूह का हिस्सा थीं। जो वायुसेना में फाइटर पायलट बनीं। मोहना अब तक मिग-21 उड़ा रही थीं। हाल ही उन्हें पाकिस्तान की सीमा से लगे गुजरात सेक्टर में नलिया हवाई अड्डे पर एलसीए स्क्वाड्रन में तैनात किया गया था। जोधपुर में 'तरंग शक्ति' अभ्यास में एलसीए तेजस फाइटर जेट की उड़ान के दौरान उन्हें सेना और नौसेना के उपप्रमुखों को निर्देश देते देखा गया।
मोहना सिंह के पिता प्रताप सिंह एयरफोर्स में सेवा देकर वर्ष 2021 को दिल्ली से वारंट ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके। वहीं मां मंजू देवी अध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी। दोनों अब कृषि कार्य कर रहे हैं। मोहना सिंह के दादा लांस नायक लादूराम 1948 की लड़ाई में 11 फरवरी 1948 को शहादत देकर शहीद हुए। सेना ने उनको सम्मानित भी किया। मोहना सिंह ने 14 नवम्बर 2021 में दिल्ली में मोहित सिंह से परिणय सूत्र में बंधी। मोहित सिंह एक बिजनेसमैन है।
मोहना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा ननिहाल में हुई। नाना श्रीकिशन कॉमर्शियल फ्लाइट के पायलट थे। बचपन में मोहना सिंह को अपने नाना से प्रेरणा मिली। इसके बाद पढाई कर वह 18 जून 2016 में भावना कंठ व अवनी चतुर्वेदी के साथ पहली फाइटर प्लेन चालक बनी थी। वह राजस्थान की पहली फाइटर प्लेन चालक भी है।
Updated on:
19 Sept 2024 03:18 pm
Published on:
19 Sept 2024 03:17 pm
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