script Rajathan Politics : सीएम कौन होगा, अभी तय नहीं, मगर भाजपा को सता रही है यह चिंता | Who will be the CM is not decided yet but this worry is troubling BJP | Patrika News

Rajathan Politics : सीएम कौन होगा, अभी तय नहीं, मगर भाजपा को सता रही है यह चिंता

locationजयपुरPublished: Dec 10, 2023 11:06:10 am

Submitted by:

Umesh Sharma

राजस्थान विधानसभा के नतीजे आने के बाद सभी को नए मुख्यमंत्री का इंतजार है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उसे 115 सीटों पर विजय मिली है। मगर पार्टी को वरिष्ठ विधायकों की कमी खल रही है।

Rajathan Politics : सीएम कौन होगा, अभी तय नहीं, मगर भाजपा को सता रही है यह चिंता
Rajathan Politics : सीएम कौन होगा, अभी तय नहीं, मगर भाजपा को सता रही है यह चिंता

राजस्थान विधानसभा के नतीजे आने के बाद सभी को नए मुख्यमंत्री का इंतजार है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उसे 115 सीटों पर विजय मिली है। मगर पार्टी को वरिष्ठ विधायकों की कमी खल रही है। पार्टी को डर सता रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सत्तापक्ष का फ्लोर मैनेजमेंट कौन संभालेगा ? पार्टी को सबसे बड़ा आघात वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के हारने का लगा है। राठौड़ ही ऐसे विधायक बचे थे, जिनको फ्लोर मैनेजमेंट का अनुभव है। विधानसभा की कार्यवाही को राठौड़ बारीकी से जानते थे, लेकिन उन्हें तारानगर से हार का सामना करना पड़ा है। उधर, चित्तौड़गढ़ से नरपत सिंह राजवी को भी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें भी विधानसभा का लंबा अनुभव है।

ये पहले ही हो चुके हैं बाहर

पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया अब असम के राज्यपाल हैं। वे भी पार्टी के अनुभवी नेता रहे हैं। वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी को भी विधानसभा का लंबा अनुभव है, लेकिन वो राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। राव राजेंद्र 2018 में चुनाव हारे थे और इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया।

इन नेताओं से आस

भाजपा की बात की जाए तो वरिष्ठता के नाम पर तीन विधायक हैं। कालीचरण सराफ, वासुदेव देवनानी और किरोड़ी लाल मीणा। इन तीनों विधायकों के भरोसे ही पार्टी की विधानसभा में विपक्ष के हमलों का जवाब देगी। हालांकि विधानसभाध्यक्ष का भी चयन किया जाना है। संभावना है कि इन तीनों में से किसी एक को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कांग्रेस के पास 69 का आंकड़ा

कांग्रेस की बात की जाए तो इस बार 69 सीटों पर पार्टी को जीत मिली है। इसमें संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल को भी जीत मिली है। विधानसभा में कांग्रेस का फ्लोर मैनेजमेंट वहीं संभालते रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा भी अनुभवी हैं और उन्होंने विधानसभा में कई बार सत्तापक्ष की बात को मजबूती से रखा है।

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