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14 जनवरी से लापता युवक का मिला नरमुंड, पत्नी ने भाई और प्रेमी के साथ मिल उतारा मौत के घाट

गला दबाकर पत्थरों से कुचला और फेंक दिया जलमहल की पहाडिय़ों में

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jaipur

अश्विनी भदौरिया / जयपुर। गलता गेट थाना इलाके में गत 14 जनवरी को रहस्यमय तरीके से गायब हुए युवक का शुक्रवार शाम नरमुंड मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। उसकी हत्या पत्नी के भाई और उसी के मकान में रहने वाले किराएदार ने मिलकर की थी। हत्या की साजिश में दोनों आरोपितों के साथ मृतक की पत्नी भी शामिल है। हत्या का मूल कारण मृतक की पत्नी और किराएदार युवक के बीच प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या का खुलासा करने हुए आरोपित पत्नी के भाई श्रीकांत उर्फ छोटे को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मृतक की पत्नी और किराएदार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।

पतंग महोत्सव देखने गया फिर लौटकर नहीं आया
थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि मृतक तेजप्रकाश शर्मा (42) श्रीगणेश कॉलोनी का रहने वाला था तथा जनरल स्टोर चलाता था। वह अपने श्रीकांत एवं किराएदार अभिषेक के साथ मकर संक्रांति की दोपहर करीब दो-ढ़ाई बजे जलमहल की पाल पर पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित पंतग महोत्सव देखने गया था। उसके बाद से वह लापता हो गया जबकि श्रीकांत और अभिषेक दोनों घर लौट आए। देर शाम तक जब तेजप्रकाश का पता नहीं चला तो उसके बड़े भाई हरीश शर्मा ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो उसकी पत्नी, प्रेमी किराएदार और भाई सहित सहित फरार हो गई।

ऐसे हुआ हत्या का खुलासा

पुलिस ने बताया कि युवक की गुमशुदगी के बाद जब तेजप्रकाश की पत्नी सीमा और किराएदार अभिषेक गायब हुए तो पुलिस ने तीनों पर शक हो गया और पुलिस तभी से उनकी तलाश में जुट गई। इस दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर श्रीकांत को पकड़ लिया। उसे हिरासत में लेने के बाद जब उससे पूछताछ की तो उसने अभिषेक के साथ जीजा तेजप्रकाश की हत्या करने की बात कबूल कर ली।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपित श्रीकांत ने बताया कि जीजा तेजप्रकाश और उसकी बहन सीमा के मकान में अभिषेक नाम का युवक किराए पर रहता है। दोनों एक-दूसरे को पंसद करने लगे और दोनों के बीच रोड़ा बन रहे तेजप्रकाश को उन्होंने रास्ते से हटाने का षंडयंत्र रच दिया। इसके बाद श्रीकांत और किराएदार अभिषेक दोनों मकर संक्रांति पर उसे पतंगबाजी देखने का बहाना बनाकर अपने साथ जलमहल ले गए। इसके बाद वे उसे बहाना बनाकर जलमहल की पहाडिय़ों मेें ले गए और यहां पर दोनों ने उसक गला दबा दिया। यहीं नहीं आरोपितों ने उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया और लाश को पहाडिय़ों में फेंक कर अपने घर लौट आए।