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अब होगा …जनजति विश्वविद्यालय

उदयपुर. राजीव गांधी जनजति विश्वविद्यालय का नाम बदलने की तैयारी में प्रदेश सरकार। हाल ही जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा इस विवि को उदयपुर से बांसवाड़ा के बेणेश्वर में स्थानांतारित करने की घोषणा कर चुके हैं।
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jitendra saran

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Oct 26, 2015

2013 में उदयपुर में स्थापित राजीव गांधी जनजाति विश्वविद्यालय इन चर्चा का विषय बना हुआ है। जनजाति विवि के नाम व सामान्य विवि में परिवर्तित करने की घोषणा कभी भी की जा सकती है। हाल ही जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा इस विवि के उदयपुर से बांसवाड़ा के बेणेश्वर में स्थानांतारित करने की घोषणा कर चुके हैं। जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार ने जनजति विवि को सामान्य विवि में परिवर्तित कर इसका नामकरण गुरु गोविंदसिंह के नाम पर करने की योजना तैयार कर रही है। विवि को लेकर राज्य सरकार की कार्ययोजना शुरू से सवालों के घेरे में रही है। स्थापना से अब तक विवि का संचालन सुविवि स्थित राणा पंूजा छात्रावास भवन के दो कमरों में किया जा रहा है। दो साल में विवि में सिर्फ दो कर्मचारियों की नियुक्ति हो पाई। कुलपति व रजिस्ट्रार को छोड़ कर विवि के सभी पद रिक्त हैं। संसाधनों व समुचित पाठ्यक्रमों के अभाव के चलते विवि को यहां करीब 90 विद्यार्थी ही मिल पाए। विवि से अभी पहला बैच भी पासआउट नहीं हुआ था कि इसके स्थानांतरण की घोषणा कर दी गई।
जनजाति मोर्चा ने दी प्रदर्शन की चेतावनी : जनजाति विवि को सामान्य में परिवॢतत किए जाने के विरोध में संभागीय अनुसूचित जाति, जनजाति संघर्ष मोर्चा की बैठक रविवार को हुई। अध्यक्ष मानसिंह निनामा ने बताया कि राज्य सरकार ने विवि को सामान्य श्रेणी में शामिल करने की योजना बना ली है। इसके विरोध में 28 अक्टूबर को संभाग के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में प्रवीण वडेरा, नाथूलाल गमार, सुंदरलाल दामा, बाबूलाल, दिलने अहारी आदि उपस्थित थे।