
Illegal Mining
Rajasthan Chunav 2023 : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बीच पुलिस-प्रशासन की टीमें जगह-जगह नाकाबंदी कर प्रतिदिन नकदी, शराब और अन्य मादक पदार्थ जब्त कर रही हैं। ज्यादातर अधिकारी- कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। अवैध खनन की तरफ उनका ध्यान ही नहीं है। इसका फायदा खनन माफिया उठा रहा है। प्रदेश में अवैध खनन की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पढि़ए अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, धौलपुर और पाली जिले की यह खास रिपोर्ट :
अजमेर : पहाडिय़ों का अस्तित्व ही खतरे में
अजमेर शहर के समीप अरावली की पहाडिय़ों पर खनन माफिया सक्रिय है। पुष्कर के दोनों छोर पर अवैध खनन हो रहा है। अजमेर से 7 किमी दूर खरेखड़ी की पहाडिय़ों में सोमवार को भी अवैध खनन जारी मिला। पहाड़ को बारूद से ब्लास्ट करने के बाद जेसीबी व अन्य मशीनरी से पत्थरों को भरने के लिए संसाधन मौके पर मिले। ब्लास्ट के लिए भी ट्रैक्टर आदि संसाधन पास ही मिले। नारेली क्षेत्र, माकड़वाली, खोड़ा गणेश, बूबानी, खरवा, मसूदा सहित अन्य क्षेत्रों की पहाडिय़ों में भी खनन हो रहा है। आचार संहिता लगने के बाद अधिकतर अधिकारी व कार्मिक चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं।
भीलवाड़ा : बनास नदी में दिनदहाड़े हो रहा खनन
भीलवाड़ा जिले में बजरी का अवैध दोहन पहले से बढ़ा है। हमीरगढ़, मंगरोप, बीगोद व जहाजपुर क्षेत्र से गुजर रही बनास नदी से बजरी निकाल कर वहां बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं। जहाजपुर क्षेत्र में बनास नदी के बीच बेखौफ होकर बजरी खनन किया जा रहा है। भीलवाड़ा के निकट समोडी गांव में भी पहाड़ों को काटकर पत्थर अवैध रूप से निकाले जा रहे हैं। इससे वहां बड़े-बड़े पहाड़ खदान में तब्दील हो गए हैं।
पाली : जैतारण में भी अवैध खनन जारी
पाली जिले के जैतारण क्षेत्र में बजरी माफिया की सक्रियता बढ़ गई है। यहां पहले रात के अंधेरे में बजरी का अवैध खनन होता था, अब दिन में भी किया जा रहा है। क्योंकि अधिकतर सरकारी अधिकारी-कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। अवैध खनन की तरफ उनका ध्यान ही नहीं है। जैतारण क्षेत्र के बांझाकुडी, फूलमाल, आसरलाई, मोहराई, बिरोल, निम्बोल सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के निकट नदियों में बजरी का अवैध खनन हो रहा है।
यहां भी अवैध खनन में आई तेजी
धौलपुर : चंबल नदी से बजरी का अवैध परिवहन जारी है। पुलिस की नाकाबंदी होने के कारण जिले की सीमाओं से बाहर तो बजरी का अवैध परिवहन पहले से कम हुआ है। लेकिन जिले में बजरी का स्टॉक पहले से बढ़ गया है।
अलवर : यहां माफिया पहले ही कई पहाड़ों का वजूद खत्म कर चुके हैं। पहले कभी-कभी माफिया पर कार्रवाई होती थी। अब अधिकारी व कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने से क ार्रवाई नहीं हो रही। इसका फायदा खनन माफिया उठा रहा है।
Published on:
24 Oct 2023 05:49 pm
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