सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश से पहले मई में ही नई कक्षाएं प्रारम्भ होने के बावजूद विद्यार्थियों को अभी तक पूरी किताबें नहीं मिली हैं। ऐसे में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा बनी हुई है।
राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की ओर से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कक्षा पहली की अंग्रेजी, कक्षा पहली से आठवीं तक की उर्दू, कक्षा 2 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत, कक्षा 6 से 8 वीं तक की पंजाबी की किताब अभी तक नहीं मिली है। एेसे में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अप्रेल में पहुंचनी थी पुस्तकेंसरकारी विद्यालयों में मिलने वाली ये निशुल्क पाठ्यपुस्तक सरकारी निर्देशानुसार अप्रेल माह के अंत तक पहुंच जानी चाहिए थी, लेकिन इस वर्ष एेसा नहीं हुआ। पाठ्यपुस्तक वितरण केन्द्र के प्रबंधक सतीश शर्मा ने बताया कि निशुल्क पाठ्यपुस्तक की बहुत सी पुस्तके ं विद्यार्थियों को अभी तक नहीं मिली हैं जिसके लिए मांग पत्र भेजा गया है।
क्या कहते हैं शिक्षकबहादरपुर के शिक्षक हरबंस सिंह ने बताया कि कक्षा 6 से 8 वीं तक पंजाबी की पुस्तक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की इस विषय की पढ़ाई नहीं हो पा रही है, ये पुस्तकें बाजार में भी उपलब्ध नहीं है। इधर, संस्था प्रधान गोकुल शर्मा ने बताया कि उर्दू, पंजाबी और संस्कृत विषय की पुस्तक उपलब्ध नहीं होने के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है।
अब तक वितरित हुई किताबें- प्राथमिक स्तर की किताबें - 658490
- माध्यमिक स्तर की किताबें - 271220
- मदरसे में वितरित किताबें - 30954
इन कक्षाओं में है इतनी पुस्तकों की आवश्यकताकक्षा प्रथम में अंगे्रजी की 6240, कक्षा प्रथम में से सातवीं कक्षा तक उर्दू की पुस्तक 7 हजार 168, कक्षा 2 से आठवीं तक की संस्कृत की 3 हजार 257, पंजाबी विषय की कक्षा 6 से 8 तक की 88 पुस्तकों की आवश्यकता है।