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सौ प्रतिशत सुपोषण सुनिश्चित करने का लें संकल्प- सचिव,महिला एवं बाल विकास

जयपुर। महिला और बाल विकास विभाग के शासन सचिव दिनेश कुमार यादव का कहना है कि राजस्थान में एक भी बच्चा कुपोषित न रहे इसके लिए हम सभी को दृढ़ता के साथ टीम भावना से कार्य करना होगा।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Nov 03, 2022

सौ प्रतिशत सुपोषण सुनिश्चित करने का लें संकल्प- सचिव,महिला एवं बाल विकास

सौ प्रतिशत सुपोषण सुनिश्चित करने का लें संकल्प- सचिव,महिला एवं बाल विकास

जयपुर। महिला और बाल विकास विभाग के शासन सचिव दिनेश कुमार यादव का कहना है कि राजस्थान में एक भी बच्चा कुपोषित न रहे इसके लिए हम सभी को दृढ़ता के साथ टीम भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सौ प्रतिशत सुपोषण सुनिश्चित करने का संकल्प लेकर ही हमें कार्य करना होगा। गुरुवार को महिला और बाल विकास विभाग और यूनिसेफ राजस्थान की ओर से गुरुवार को सिटी के एक होटल में एक राज्यस्तरीय कार्यशाला में उनका कहना था कि राज्य के 20 जिलों में सफलता पूर्वक संचालन के चलते शेष 13 जिलों में भी इस कार्यक्रम को लागू किया जा रहा है। '06 माह से 59 माह तक के बच्चों में कुपोषण-प्रबंधन' पर एक आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने राज्य के समस्त 33 जिलों में योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा की।

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कार्यशाला में निदेशक समेकित बाल विकास सेवा रामावतार मीणा ने कहा कि पोषण के लिए अम्मा जैसे कार्यक्रम बहुत आवश्यक है। अम्मा कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य के 20 जिलों में कामयाब रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए इसे समूचे राजस्थान में लागू किया गया है। वहीं संयुक्त परियोजना समन्वयक समेकित बाल विकास सेवाएं डॉ. मंजू यादव ने अम्मा कार्यक्रम के संचालन में यूनिसेफ की ओर से किए जा रहे बेहतरीन कार्य की प्रशंसा करते हुए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्तर पर अति कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के लिए एक संयुक्त मार्गदर्शिका जारी की गई। कार्यशाला में चाइल्ड हेल्थ एनएचएम प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ.प्रदीप कुमार चौधरी ने कहा कि कुपोषण संभावित बच्चों की स्क्रीनिंग में अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान को गति प्रदान किया जाना बहुत जरूरी है। कार्यशाला में निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं राम अवतार मीणा चीफ फील्ड ऑफिसर, यूनिसेफ इजाबेल बार्डेम और मंचासीन अधिकारियों ने अम्मा कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और अधिकारियों को प्रतीक चिह्न भेंट कर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व राज्य के 20 जिलों में संचालित इस योजना के बारे यूनिसेफ की ओर से जानकारी दी गई।