24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टैरो रीडिंग का शॉर्ट कोर्स कर महिलाएं कमा रहीं 40-50 हजार रुपए

महिलाएं अब केवल होम मेकर्स ही नहीं बल्कि अलग-अलग कोर्स कर अपने सपनों को उड़ान दे रही हैं।आत्मनिर्भर बनने की दिशा में शहर की महिलाओं का नया शगल । शहर में बढ़ रहा टैरो कार्ड के जरिए अपनी परेशानियों का हल जानने का चलन ।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Riya Kalra

Aug 07, 2023

tarot_1.jpg

महिलाएं अब केवल होम मेकर्स ही नहीं बल्कि अलग-अलग कोर्स कर अपने सपनों को उड़ान दे रही हैं। पहचान बनाने सहित ऐसी महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के अवसर भी तलाश रही हैं। कंटेंट क्रिएशन, टैरो रीडिंग, सर्टिफाइड मेकअप आर्टिस्ट जैसे कोर्स सीखकर अपने कॅरियर को नया मुकाम दे रही हैं। साथ ही महिलाएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए 2 से 6 माह का सर्टिफाइड कोर्स सीखकर ऑनलाइन काम करना पसंद कर रही हैं। ज्यादातर महिलाओं का रुझान टैरो रीडिंग की ओर है। इसमें वे घर बैठे प्रति माह 40 से 50 हजार रुपए कमा रही हैं। ऐसे कोर्स सीख रहीं महिलाओं ने बताया कि उन्होंने 2 से 3 माह का ऑनलाइन कोर्स किया जिनकी फीस करीब 10 से 15 हजार है। नए रेस्त्रां व कैफे की ओपनिंग में टैरो रीडिंग का सत्र आयोजित किया जाता है, जिसमें टैरो रीडर्स को बुलाया जा रहा है।

वर्क फ्रॉम होम की तरह

भविष्यवाणी करने की सबसे प्राचीन विधियों की बात की जाए तो टैरो कार्ड रीडिंग उनमें से एक है। टैरो कार्ड रीडिंग का प्रशिक्षण लेने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की रुचि ज्यादा है। इसकी वजह यह है की महिलाएं यह ऑनलाइन कोर्स सीखकर घर बैठे कमाई कर रही हैं। यह एक तरह से वर्क फ्रॉम होम है। विदेश से आए टैरो रीडिंग के चलन ने अब शहर में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

ऐप के जरिए सलाह

बापू नगर निवासी अर्पिता त्रिवेदी ने एक वर्ष पहले टैरो रीडिंग का एक माह का कोर्स किया। अब वे घर बैठे प्रति माह 40 हजार तक कमा रही हैं। अर्पिता ने बताया अब वे ऑनलाइन ऐप के जरिए लोगों को सलाह देती हैं और साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी उनसे कई लोग जुड़ रहे हैं। उनका कहना है अपनी स्किल्स बढ़ाने का यह अच्छा उपाय है।

परेशानी हल कर रही हैं

जवाहर नगर निवासी ज्योत्सना मेहता ने 3 माह पहले टैरो रीडिंग का कोर्स किया। कोर्स की फीस लगभग 10 हजार थी और वह अब ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से काम कर रही हैं। उनके मुताबिक महिलाएं टैरो रीडिंग से जुड़ी रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर भी प्रमोट कर रही हैं। उनके अनुसार वह टैरो रीडिंग के जरिए लोगों की परेशानी हल कर रही हैं।