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विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

प्रदेश में मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया।

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विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

विश्व अस्थमा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जयपुर। प्रदेश में मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया। अस्थमा बीमारी के बारे में जागरूकता को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित हुए। अस्थमा भवन जयपुर की ओर से एक होटल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमे चेस्ट कंसलटेंट डॉ निष्ठा सिंह और डॉ शीतू सिंह ने अस्थमा के कारण, लक्षण और उपचार को लेकर जानकारी दी। डॉ निष्ठा सिंह ने बताया कि दुनिया भर में अस्थमा से 262 मिलियन लोग प्रभावित है। इसे देखते हुए इस वर्ष के वर्ल्ड अस्थमा डे की थीम अस्थमा केयर फॉर ऑल रखी गई है। जिसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा को आमजन तक पहुंचाना है। ताकि रोग की रोकथाम हो सके। इस रोग से देश में तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित होने की आशंका है। इनमें से ज्यादातर की पहचान नहीं हो पाती या फिर उपचार नहीं हो पाता। डॉ शीतू सिंह ने कहा कि भारत में दमा सामाजिक कलंक, गलत धारणाओं और झूठी बातों का शिकार है। जैसा कि लगभग 23% रोगी ही अपनी अवस्था को इसके वास्तविक नाम से पुकारते हैं। अपनी स्थिति के बारे में बताने से बचने की इस प्रवृत्ति के कारण देश में इस रोग की पहचान बहुत कम संख्या में हो पाती है। जहां गंभीर दमा के 70 प्रतिशत मामले चिकित्सीय रूप से बिना निदान के रह जाते हैं। डॉ निष्ठा सिंह ने कहा कि इन्हेलेशन थेरेपी अस्थमा के प्रबंधन की मुख्य बुनियाद है। असल में, डॉक्टर द्वारा डायग्नोस किये गए रोगियों में इन्हेलेशन थेरेपी का प्रयोग 9 प्रतिशत से भी कम है। रोगियों को पर्याप्त सशक्तिकरण और लगातार समर्थन प्रदान करने से दमा को लेकर नजरिये और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।