
वर्ल्ड फ़ूड डे को मनाए जाने का मुख्य कारण दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को सुरक्षित और उन्नत करना है खासकर संकट के दिनों में। यूएन के खाद्य और कृषि संगठन की पहल से वर्ल्ड फ़ूड डे की कल्पना संभव हुई ।
साल 2022 की थीम है काफी खास
हर साल इस दिन के लिए थीम रखी जाती है। इस बार वर्ल्ड फूड डे की थीम है- Leave No One Behind यानी किसी को पीछे न छोड़ें। 1981 के बाद से वर्ल्ड फूड डे ने हर साल अलग-अलग थीम अपनाते हुए चिंताओं के सामान्य क्षेत्रों को उजागर करना शुरू किया जिनके लिए ध्यान और कार्रवाई की आवश्यकता थी। ज्यादातर थीम खेती और कृषि के आसपास होती है क्योंकि यह माना जाता है कि स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए समर्थन के साथ कृषि में सिर्फ निवेश ही इस स्थिति को चारों ओर से बदल सकेंगे। ऐसे निवेश का बड़ा हिस्सा निजी क्षेत्र और सार्वजनिक निवेश से कृषि को बढ़ावा देने और खाद्य और भूख से संबंधित समस्या को कम करना होगा जैसे भोजन की कमी।
भारत में कैसे मनाया जाता है ये दिन
1945 में यूएन के खाद्य और कृषि संगठन की स्थापना की तारीख पर विश्व खाद्य दिवस की स्थापना की। अब इसे खाद्य इंजीनियर्स दिवस भी कहा जाता है। भारत में यह दिन कृषि के महत्व को दर्शाता है और इस तथ्य पर बल देता है कि भारतीयों द्वारा उत्पादित और उपभोग किया जाने वाला भोजन सुरक्षित और स्वस्थ है। विश्व खाद्य दिवस भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दिल्ली में इसे दस्तेकर मेले के क्राफ्ट संग्रहालय में मनाया जाता हैं। साथ ही वहां रंगोली बनाई जाती हैं और सड़क पर नुक्कड़-नाटक होता हैं।
जानिए वर्ल्ड फ़ूड डे का इतिहास
वर्ल्ड फ़ूड डे की स्थापना संगठन के 20वें जनरल सम्मेलन में नवंबर 1979 में खाद्य और कृषि संगठन के सदस्य देशों ने की। डॉ पाल रोमानी, हंगरी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और तत्कालीन कृषि और खाद्य मंत्री ने AFO के 20वें जनरल सम्मेलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और दुनिया भर में वर्ल्ड फ़ूड डे को लॉन्च करने का विचार प्रस्तावित किया था। तब से हर साल वर्ल्ड फ़ूड डे 150 से अधिक देशों में मनाया जाता है और भूख और गरीबी के पीछे समस्याओं और कारणों की चेतना और ज्ञान के बारे में जागरूक करता है। वर्ल्ड फ़ूड डे का वार्षिक उत्सव खाद्य और कृषि संगठन के महत्व को दर्शाता है। यह दुनिया भर में सरकारों द्वारा लागू प्रभावी कृषि और खाद्य नीतियों की महत्वपूर्ण आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दुनिया भर में हर किसी के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो।
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Updated on:
16 Oct 2022 03:47 pm
Published on:
16 Oct 2022 03:34 pm
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