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World Kidney Day 2024: 83 साल की दादी ने किडनी देकर लंबी कर दी पौते की उम्र

World Kidney Day 2024 : किडनी रोग से जूझ रहे अपनों का दर्द दूर करने में महिलाएं आगे आ रही हैं। वो किडनी डोनेट कर परिजन की जिंदगी बचा रही हैं। एसएमएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगातार ऐसे केस सामने आ रहे हैं।

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जयपुर

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Kirti Verma

Mar 14, 2024

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World Kidney Day 2024 : किडनी रोग से जूझ रहे अपनों का दर्द दूर करने में महिलाएं आगे आ रही हैं। वो किडनी डोनेट कर परिजन की जिंदगी बचा रही हैं। एसएमएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगातार ऐसे केस सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ वर्षों से समाज में किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर बदलाव देखने को मिल रहा है।

पहले सास अब मां आई आगे
बैनाड़ रोड निवासी अलका शर्मा (34) को वर्ष 2020 में किडनी खराब होने का पता चला। डॉक्टरों ने सात माह तक दवा दी लेकिन फिर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी। अप्रेल 2022 में एसएमएस अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। तब अलका की सास निर्मला (62) ने किडनी डोनेट की थी। हाल ही पता चला कि संक्रमण के कारण उसकी वह किडनी खराब हो गई। उसे फिर किडनी की जरूरत पड़ रही है। इस बार अलका की मां सुशीला शर्मा (58) किडनी देंगी।


दादी बोली, मैं दूंगी किडनी
एसएमएस अस्पताल में हाल ही पंछी देवी (83) ने अपनी किडनी देकर पौत्र विक्रम (36) की जान बचाई है। उसकी एक किडनी विक्रम को प्रत्यारोपित की गई है। विक्रम के पिता रामजीलाल ने बताया कि वे मूलत: कारौली, हरियाणा निवासी हैं। विक्रम को पीलिया हो गया था। जांच करवाने पर पता चला की उसकी दोनों किडनी खराब हो गईं। ट्रांसप्लांट के लिए दादी का ब्लड ग्रुप उससे मैच हो गया तो वो किडनी देने को तैयार हो गई। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।

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हर सप्ताह 7- 8 ट्रांसप्लांट
किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राजस्थान में करीब 4 हजार नए केस मिल रहे हैं। इसमें अकेेले एसएमएस अस्पताल में 2 से 3 हजार केस आ रहे हैं। एसएमएस में हर सप्ताह 7 से 8 किडनी ट्रांसप्लांट होते हैं। राजस्थान में सालाना 550 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट होते हैं। प्रदेश में तीन हजार से ज्यादा को किडनी नहीं मिलती है।
-डॉ. धनंजय अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी विभाग, एसएमएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल


महिलाओं में 50 फीसदी डोनर पत्नी
देशभर में 250 किडनी ट्रांसप्लांट केंद्रों पर 7500 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट होते हैंं। इनमें 90 फीसदी किडनी जीवित दाताओं व 10 फीसदी मृत दाताओं से प्राप्त होती है। खास बात है कि डोनर में 70 से 80 फीसदी महिलाएं हैं। इनमें 50 फीसदी पत्नी, 20 फीसदी मां और 10 फीसदी बहनें शामिल हैं।
-डॉ. रवि कुमार, किडनी रोग विशेषज्ञ

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इसलिए खराब हो रही किडनी
एसएमएस अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. एलसी शर्मा का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज किडनी की खराबी की बड़ी वजह है। दोनों पर नियंत्रण जरूरी है। सूक्ष्म प्रोटीन की जांच करवाकर किडनी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। इसके लक्षणों को अनदेखा नहीं करें।