
WORLD KIDNEY DAY
देवेंद्र सिंह राठौड़
जयपुर. गर्भावस्था (pregnacy) में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतना महिलाओं के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। इस दौरान अनियंत्रित बीपी (BP) और शुगर (Sugar) से उन्हें किडनी संबंधी बीमारियों (Kidney disease)से जूझना पड़ रहा है। राजधानी के निजी व सरकारी अस्पतालों में ऐसे केस लगातार देखे जा रहे हैं। हालांकि शुगर की शिकायत कुछ ही महिलाओं में होती है, लेकिन इस समय उनमें उच्च रक्तचाप होना आम बात है। जिससे किडनी संबंधी दिक्कतें होती हैं। हर माह 5 से 10 गर्भवती (pregnant) एक्यूट किडनी इंजरी से ग्रस्त होकर सवाई मानसिंह अस्पताल(SMS HOSPITAL JAIPUR) में पहुंच रही हैं। उन्हें डायलिसिस की भी जरूरत पड़ती है। इनमें अधिकांश ठीक हो जाती हैं, लेकिन 2-3 महिलाएं क्रोनिक किडनी डिजीज का शिकार हो जाती हैं। जिससे उन्हें ताउम्र किडनी की समस्या से जूझना पड़ता है।
इन लक्षणों से रहें सावधान
गर्भावस्था (pregnacy) के दौरान तेज सिर दर्द, आंखों में परेशानी, पसलियों के ठीक नीचे दर्द होना, चेहरे, हाथ-पैर पर अचानक सूजन आना, रक्त की जांच में क्रिएटिनिन बढ़ा आए तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। यह बरतें सावधानी जिन महिलाओं को पहले से ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है वे नियमित जांच कराते रहें।
यह भी कारण आए सामने
सवाई मानसिंह अस्पताल (Sawai Man Singh Hospital) के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.विनय मल्होत्रा के अनुसार प्रसव के दौरान रक्तस्राव, जानबूझ कर गर्भपात, 40 वर्ष या उससे अधिक आयु में गर्भधारण करना,10 वर्ष से अधिक गर्भावस्था का अंतराल, मोटापा, आनुवंशिकी, मल्टीपल प्रेग्नेंसी, प्रसव के दौरान हाइजीन का इस्तेमाल न होना व घर में प्रसव कराने आदि कारणों से किडनी पर प्रभाव पड सकता है।
20 फीसदी महिलाओं में दिक्कत
20 फीसदी महिलाओं में दिक्कत गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर की दिक्कत 20 फीसदी महिलाओं में देखी जाती है। इससे मां और शिशु दोनों को खतरा रहता है।
डॉ. शालिनी राठौड़,वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल,सांगानेरी गेट
Published on:
09 Mar 2023 01:55 pm
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