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पाषाण काल में भी थी मेडिकल साइंस की एडवांस जानकारी

पुरातत्त्व की खोज : इंडोनेशिया में मिले 31,000 साल पुराने कंकाल से हुआ नया खुलासा किशोर अवस्था से पहले सावधानी से अलग किया गया था पैर

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जयपुर

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Aryan Sharma

Sep 09, 2022

पाषाण काल में भी थी मेडिकल साइंस की एडवांस जानकारी

पाषाण काल में भी थी मेडिकल साइंस की एडवांस जानकारी

जकार्ता. आधुनिक काल में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की की है, लेकिन प्राचीन काल में भी इसका अस्तित्व था। हाल ही एक शोध से पता चला है कि पाषाण काल के इंसानों के पास मेडिकल साइंस की एडवांस जानकारी थी। इंडोनेशिया की एक गुफा में पुरातत्त्वविदों को एक कंकाल मिला है। यह मेडिकल हिस्ट्री को बदल सकता है। रेडियो कार्बन डेटिंग के आधार वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि यह कंकाल 31,000 साल पहले पूर्वी कालीमंतन प्रांत की लियांग तेबो गुफा में दफनाया गया था।

कंकाल महिला का है या पुरुष का, यह साफ नहीं हुआ है। जर्नल नेचर में छपे शोध में वैज्ञानिकों ने बताया कि कंकाल का बायां पैर नहीं है। शोध से पता चला कि किशोर अवस्था से पहले ही इसका पैर सावधानी और सफाई से काट दिया गया था। जिसका यह कंकाल है, उसकी 19 से 21 साल की उम्र में अज्ञात कारणों से मौत हुई होगी। इससे पहले 2020 में भी ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में पुरातत्त्वविदों को एक कंकाल मिला था, जिससे प्राचीन सर्जिकल कौशल का पता चला था।

प्राचीन काल के बारे में धारणा बदली
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कंकाल पाषाण काल के लोगों के प्रति हमारी समझ को एकदम बदल देता है। पहले विशेषज्ञों का मानना था कि खेती शुरू करने और स्थाई बस्तियों में रहने से पहले इंसानों के पास चिकित्सा या कठिन ऑपरेशन से जुड़ा ज्ञान नहीं था। इससे पहले फ्रांस में मिले सात हजार साल पुराने कंकाल से पता चला था कि उसके हाथ को कोहनी के ऊपर से काटा गया था।

पैर कटने के बाद भी जिंदा रहा
ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता टिम मैलोनी ने कहा कि सिर्फ 100 साल पहले सर्जिकल तरीके से अंगों को काटना संभव हुआ। इससे पहले अंगों को काटने के दौरान ज्यादा खून बहने, इन्फेक्शन या शॉक से लोगों की मौत हो जाती थी। इंडोनेशिया में मिले कंकाल का पैर हजारों साल पहले बचपन में काटा गया था। इसके बावजूद वह छह से नौ साल तक जिंदा रहा।