
जयपुर। दुनियाभर में 29 अक्टूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। ब्रेन स्ट्रोक से होने वाली मौतों के मामलों में भारत दूसरे नंबर पर है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति स्ट्रोक का शिकार होता है और हर 4 मिनट में एक व्यक्ति की मौत स्ट्रोक के कारण हो जाती है। भारत में लोग स्वास्थ के प्रति गंभीर नहीं हैं। साथ ही बेहतर स्वास्थ सुविधा का अभाव स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी के लिए बड़ी समस्या है।
एसएमएस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दिनेश खंडेलवाल ने बताया कि अनियमित दिनचर्या की वजह से स्ट्रोक केस बढ़ रहे है। मोटापा और खानपान में लापरवाही के साथ धूम्रपान, शराब का सेवन करने से लोगों के दिमाग की नसों में खून जमा हो जाता है। इससे ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अचानक तेज सिर दर्द होने लगे, एक तरफ का चेहरा टेढ़ा हो जाए, बोलने में कठिनाई हो, चक्कर आने लगे, भ्रम की स्थिति हो, एक आंख से अचानक दिखना बंद हो जाए तो सचेत हो जाएं। यह ब्रेन स्ट्रोक का लक्षण हाे सकता है। इनमें से एक भी लक्षण सामने आने पर तत्काल डॉक्टर के पास जाएं ताकि समय रहते मर्ज की पहचान कर बचाव किया जा सके। डॉ खंडेलवाल ने बताया कि पहले आम तौर पर 60 की उम्र के आस पास या उसके बाद स्ट्रोक केस आते थे। कम उम्र में स्ट्रोक केस कम आते थे। लेकिन अब 40 की उम्र से ही स्ट्रोक केस आने लगे है।
एसएमएस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ राहुल गुप्ता ने बताया कि आप कब सो रहे हैं, कब उठ रहे हैं और कितनी नींद ले रहे हैं इसका सीधा प्रभाव सेहत पर पड़ता है। जरूरी है कि आप समय से जागें और समय से सोएं। रोज-रोज अलग समय पर सोना-जागना दिमाग को कंफ्यूज कर देता है। वहीं, नींद की कमी भी स्ट्रोक की संभावना को बढ़ाती है।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है तो अलग-अलग दिक्कतें होने लगती हैं। अगर व्यक्ति बाहर का खाता है, तेल और फैट से भरी चीजों का सेवन करता है और उसका कॉलेस्ट्रोल बढ़ रहा है तो स्ट्रोक आने की संभावना में भी इजाफा होने लगेगा। ऐसे में खानपान का अच्छा होना जरूरी है। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स दिल की सेहत अच्छी रखता है। आप साबुत अनाज, सब्जियां, फल और ऑलिव ऑयल अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
Published on:
29 Oct 2023 09:36 pm
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