3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Year Ender 2025: राजस्थान की सियासत में सालभर चर्चा में रहे 10 बयान, भजनलाल-गहलोत से लेकर बड़े नेताओं ने क्या कहा?

Year Ender 2025: राजस्थान की सियासत 2025 में नेताओं के बयानों से गरमाई रही। गोविंद सिंह डोटासरा ने 'तानाशाही चल रही' का आरोप लगाया, राजेंद्र राठौड़ ने कहा, कांग्रेस का भविष्य खत्म और अशोक गहलोत ने ईडी-सीबीआई को राजनीतिक हथियार बताया। जानें 2025 के ये 10 चर्चित बयान, जो सुर्खियों में रहे...

4 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Dec 26, 2025

Year Ender 2025

बीजेपी-कांग्रेस नेताओं के 10 चर्चित बयान (फोटो- पत्रिका)

Year Ender 2025: साल 2025 में राजस्थान की सियासत नेताओं के बयानों से गरमाई रही। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान कहा, राज्य में लोकतंत्र नहीं, तानाशाही चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का भविष्य खत्म हो चुका है, जनता ने उसे नकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा, ईडी और सीबीआई अब राजनीतिक हथियार बन चुकी हैं।

तो वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि अपराधियों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई होगी। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने हल्दीघाटी शिलालेख बदलवाने का दावा किया। जबकि आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल ने SI भर्ती रद्द करने को युवाओं के हित में बड़ी जीत बताया। राजस्थान की राजनीति में ये बयान सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच लगातार बहस का केंद्र बने रहे।

गोविंद सिंह डोटासरा : राज्य में लोकतंत्र नहीं, तानाशाही चल रही है

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र नहीं, तानाशाही चल रही है।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने वालों को डराया जा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने चेतावनी दी थी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। डोटासरा के इस बयान का बीजेपी ने करारा जवाब दिया था।

सीएम भजनलाल शर्मा : कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि राज्य में कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट को मजबूत किया जा रहा है।

सचिन पायलट : वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं में भय और संदेह पैदा हो रहा है।

पायलट ने कहा, फील्ड स्टॉफ पर अत्यधिक दबाव और जल्दबाजी में तय समयसीमा से साफ है कि कुछ गड़बड़ है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में अधिकारी दबाव में हैं और कुछ मामलों में तनाव इतना बढ़ गया कि आत्महत्याओं तक की खबरें सामने आई हैं। पायलट ने कहा, चुनाव आयोग को स्वतंत्र संस्था की तरह काम करना चाहिए और कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कमजोर नागरिक मताधिकार से वंचित न हो।

राजेंद्र राठौड़ : कांग्रेस का भविष्य खत्म

राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस का भविष्य खत्म हो चुका है, जनता ने उसे नकार दिया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत में राठौड़ ने कहा, कांग्रेस के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही जनविश्वास बचा है।

उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनावों में जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है और अब वह सिर्फ बयानबाजी के जरिए राजनीति में बने रहने की कोशिश कर रही है।

अशोक गहलोत : ईडी-सीबीआई राजनीतिक हथियार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई अब राजनीतिक हथियार बन चुकी हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने के लिए इन एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में मामलों को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में चुनिंदा कार्रवाई होती है। इसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया था।

दीया कुमारी : हल्दीघाटी शिलालेख पर बयान

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में हल्दीघाटी के शिलालेख को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहले शिलालेख में महाराणा प्रताप को युद्ध में पराजित दिखाया गया था, जिसे 2021 में बदला गया।

दीया कुमारी ने इसे अपने सांसद कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ASI के अधीन आने वाले इस शिलालेख को बदलवाने के लिए दिल्ली तक प्रयास किए गए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और ऐतिहासिक बहस तेज हो गई थी।

हनुमान बेनीवाल : SI भर्ती रद्द पर बयान

नागौर सांसद और RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा SI भर्ती-2021 रद्द किए जाने के फैसले का स्वागत किया था। बेनीवाल ने कहा कि 127 दिनों तक जयपुर के शहीद स्मारक पर चले धरने के बाद यह सत्य और संघर्ष की जीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय सत्ता संरक्षण में पेपर लीक हुआ और वर्तमान सरकार ने भी दोषियों को बचाने की कोशिश की। बेनीवाल ने कहा कि युवाओं के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।

वसुंधरा राजे : मोटापे पर बयान

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मोटापे को वैश्विक महामारी बताते हुए कहा कि इसे रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ राजनेताओं की नहीं, बल्कि समाज की भी है। उन्होंने कहा कि कई लोग बाहर से पतले दिखते हैं, लेकिन अंदरूनी चर्बी सबसे ज्यादा खतरनाक होती है।

उन्होंने अपने फिटनेस रूटीन का जिक्र करते हुए कीटो, एटकिंस और इंटरमिटेंट फास्टिंग जैसी विधियों का उल्लेख किया। हालांकि, उनके बयान को सियासी संकेतों से भी जोड़कर देखा गया।

रविंद्र सिंह भाटी : बासनपीर विवाद पर तीखा बयान

बासनपीर गांव में ऐतिहासिक छतरियों के पुनर्निर्माण विवाद ने सियासी रंग ले लिया था। इस मुद्दे पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए कि इनकी दुकान नफरत की है या कुछ और। भाटी ने अल्पसंख्यक समुदाय के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया और कहा कि समुदाय को अपने असली हितैषियों की पहचान करनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर : 40 नंबर नहीं तो मास्साब फेल

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान ने शिक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी थी। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के 80 में से 40 नंबर नहीं आए तो शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने री-टोटलिंग, री-चेकिंग और प्रश्नपत्र खंडवार तैयार करने की व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। मंत्री ने कहा कि शिक्षा सुधार में शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग