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वसुंधरा सरकार से बाबा रामदेव ने कर डाली ऐसी ‘डिमांड’, जिसे पूरा करना पड़ रहा भारी

Vasundhara Raje सरकार से Yog Guru Baba Ramdev ने कर डाली ऐसी 'डिमांड', जिसे पूरा करना पड़ रहा भारी
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vasundhara raje with yog guru baba ramdev

जयपुर।

योग गुरु बाबा रामदेव को करौली में जमीन देने का मामला उलझता जा रहा है। मंदिर माफी की जमीन होने की वजह से सरकार इसका इसके भू-रूपांतरण का रास्ता नहीं निकल पा रही है। सचिवालय में सोमवार को मसले को लेकर तीन बैठकें भी हुई। पहले विधि विभाग, फिर नगरीय विकास विभाग और फिर मुख्य सचिव ने मामले का तोड़ निकालने को लेकर मंथन किया, मगर रास्ता नहीं निकल पाया।

अधिकारियों ने कहा कि मंदिर माफी की जमीन का न तो बेचान किया जा सकता है और न ही किराया या लीज पर इसे दिया जा सकता है। करौली में गोविंददेवजी ट्रस्ट ने मंदिर माफी की करीब चार सौ बीघा भूमि पतंजलि योग पीठ को दी है। इस जमीन का भू-रूपांतरण हो सकता है या नहीं, इस पर नौकरशाह से लेकर सरकार तक परेशान हैं।

यूं चलीं बैठकें
विधि विभाग के साथ पहली बैठक हुई। इसमें भू-रूपांतरण के नियम तलाशे गए, लेकिन तोड़ नहीं निकला। इसके बाद यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी और देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा ने लंबी चर्चा की। मामला स्वायत्त शासन के अधीन होने की वजह से यूडीएच ने बैठक से दूरी बनाई। अंत में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता के साथ बैठक शुरू हुई। इसमें भी नियम आड़े आ गए।

... इधर, बोले रामदेव- ''साधु की मर्यादा तोडऩे वालों को फांसी पर लटका दो''
योग ऋषि बाबा रामदेव ने दुराचार के मामलों में कथित संतों के जेल जाने के मसले पर कहा कि जैसे व्यक्ति की एक मर्यादा और आचार संहिता होती है। वैसे ही साधु का चरित्र होता है। जो साधु बनकर मर्यादा का अतिक्रमण करेगा वह जेल भी जाएगा और सजा भी पाएगा। जो संन्यासी की परपंरा को कलंकित करे उसे फांसी से लटका देना चाहिए। इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहिए। बाबा रामदेव सोमवार को कोटा में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

आचार्यों की जिम्मेदारी...हर किसी को न दें दीक्षा
बाबा रामदेव ने कहा, जितने भी मत और पंथ हैं उनके आचार्यों की जिम्मेदारी है कि वे अपने पंथ की शुचिता कायम रखें। हर किसी को दीक्षा नहीं दें। जैसे माता-पिता अपने बच्चों जिम्मेदारी लेते हैं। एेसे ही पंथों को अपने-अपने संन्यासियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

कश्मीर में योग-युद्ध दोनों जरूरी
उन्होंने कश्मीर के मसले पर कहा, वहां योग और युद्ध दोनों की जरूरत है। वहां की आवाम की शांति के लिए योग होना चाहिए और आतंकवादियों के खत्म करने के लिए युद्ध होना चाहिए। विदेश से काला धन वापस लाने के सरकार के वादे की बात पर उन्होंने कहा, काला धन वापस लाने के लिए सरकार कार्य कर रही है और हम योग के माध्यम से काला मन ठीक करने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे किसी भी राजनीतिक दल से नहीं है।

सभी राजनीतिक दल आमंत्रित
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करने को लेकर पूछे सवाल पर बाबा ने कहा, उन्होंने हमारी भैंस थोड़ी खोली है, जो उनसे शत्रुता होगी। वे योग में सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कहा, योग राष्ट्र को मजबूत करने का माध्यम हैं। हम भारत को हिंदू राष्ट्र नहीं आध्यात्मिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं। पूरे विश्व को ही आध्यात्मक बनाना चाहते हैं।