एक ऐसा स्कूल, जहां दो शिक्षक और दो ही बच्चे हैं। जी हां। शिक्षकों की कमी बताने वाले शिक्षा महकमे की इस स्कूल में पहली कक्षा के दो बच्चों पर हजारों रुपए का वेतन उठाने वाले दो शिक्षक लगे हुए हैं।
यह सच्चाई है महरौली ग्राम पंचायत के गांव कृष्णनगर की बन्यावाली ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की। शनिवार को स्कूल में दोनों ही बच्चे नहीं थे। हालांकि दोनों शिक्षक स्कूल में मौजूद थे। पूछने पर दोनों शिक्षकों ने गिरते नामांकन की कहानी बताई। गौरतलब है कि जिले के कई स्कूलों में रिक्त पद शिक्षा महकमें के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
पहले थे छह बच्चे, अब रह गए दो
1985 में शुरू हुए बन्यावाली ढाणी के इस स्कूल में कुछ सालों पहले अच्छा नामांकन था। लेकिन निजी स्कूलों की पहुंच के चलते नामांकन गिरने लगा। अगस्त 2014 में स्कूल में छह बच्चे थे।
बाद में स्कूलों की एकीकरण प्रक्रिया में इस स्कूल को महरौली के राउमावि में मर्ज कर दिया गया। ढाणीवासियों के विरोध के चलते एकीकरण निरस्त कर यथावत रख दिया गया। इस दौरान स्कूल के पांच बच्चे टूट गए। एेसे में एक बच्चा रह गया तथा एक नामांकन नया आ गया। अब और बच्चों के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पड़ोसी भरते हैं स्कूल की टंकी में पानी
स्कूल के मुख्य द्वार के सामने हैंडपम्प व ट्यूबवैल है। लेकिन पानी नीचे चले जाने के चलते दोनों सूखे पड़े हैं। पड़ौसी किसान के खेत में बने ट्यूबवैल से स्कूल की टंकी में पानी भरा जाता है। स्कूल में चार कमरे हैं। इसमें एक कमरे में पोषाहार, एक में आंगनबाड़ी तथा दो कमरे स्कूल के काम में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने तो स्कूल ही बंद कर दिया था, हमने इसे बचाए रखा है।
कर रहे हैं कोशिश
स्कूल में नामांकन घटकर दो बच्चों पर आ गया है। अगस्त 2014 में छह बच्चे थे, लेकिन समानीकरण में पांच बच्चे चले गए। नामांकन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रहलादसिंह, प्रधानाध्यापक, राप्रावि बन्यावाली कृष्णनगर