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स्मोकिंग को स्टेटस सिंबल मानती है युवा पीढ़ी

धू्रमपान पर रोक लगाने के लिए और प्रयासों की जरूरत

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jun 02, 2021

स्मोकिंग को स्टेटस सिंबल मानती है युवा पीढ़ी

स्मोकिंग को स्टेटस सिंबल मानती है युवा पीढ़ी



जयपुर,
तंबाकू चबाने और सिगरेट पीने को युवा पीढ़ी आज अपना स्टेटस सिंबल मानने लगी है। फिल्मों के स्मोकिंग दृश्यों में स्क्रीन पर धूम्रपान की वैधानिक चेतावनी लिखना और सिगरेट के डिब्बों पर सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है को लिख देने भर से काम नहीं चलेगा। धूम्रपान पर विराम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को ईमानदारी से बहुत कुछ करने की दरकार है। कुछ इसी तरह की बातें सुनने को मिल रही थीं सेंट विल्फ्रेड पी.जी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई, क्षेत्रीय निदेशालय एन.एस.एस और राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से आयोजित एक वेबिनार में। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. तुषार जागावत, एनएसएस की जिला समन्वयक डॉ. स्निग्धा शर्मा और एस.पी.भटनागर (क्षेत्रीय निदेशालय एनएसएस), गरिमा भाटी (सहायक युवा निदेशक, राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी) उपस्थित रहे। डॉ. जागावत ने वेबिनार में युवाओं को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। कॉलेज प्राचार्या डॉ.फरीदा हसनी ने मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कॉलेज उप-प्राचार्या डॉ.अनुपमा शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम के समापन में कॉलेज प्राचार्या डॉ.फरीदा हसनी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुधीर वर्मा और डॉ.मोनिका शर्मा ने सभी एनएसएस सेवकों को शपथ दिलाई कि वह तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे तथा तंबाकू से होने वाली बीमारी को लेकर समाज में जागरुकता लाएंगे।