20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूछताछ के लिए लाए गए किशोर के साथ मारपीट, कान के पर्दे फटे

रातानाडा थाना पुलिस एक बार फिर विवादों से घिर गई है।

2 min read
Google source verification

image

avanish kr upadhyay

Nov 30, 2015

रातानाडा थाना पुलिस एक बार फिर विवादों से घिर गई है। पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला शांत हुआ ही नहीं कि युवती के भागने के एक मामले में पूछताछ के लिए थाने लाए गए एक किशोर से पुलिस द्वारा मारपीट करने का आरोप लगा है।

किशोर के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने किशोर से इतनी बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके कान के पर्दे फट गए। परिजनों ने इसकी शिकायत डीसीपी (पूर्व) विनीत राठौड़ से की है। इधर, रातानाडा थानाधिकारी ने आरोपों से इनकार करते हुए किशोर व युवती के बीच मोबाइल पर बातचीत होना बताया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार शिव मंदिर जैन भवन निवासी पंकज गुर्जर (17), जो बीए प्रथम का छात्र है। उसके पिता अरुण कुमार पीएचईडी में सहायक के पद पर कार्यरत है। पंकज के पिता ने आरोप लगाया कि रातानाडा थाना क्षेत्र के सुभाष चौक से गत दिनों एक युवती भाग गई थी।

इस सम्बंध में पूछताछ के लिए 26 नवम्बर को पुलिस ने पंकज को पूछताछ के लिए रातानाडा थाने बुलाया। यहां दो पुलिसकर्मिंयों ने उसे मुर्गा बनाया और उसके कानों पर मारपीट की। दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया गया। जब पंकज घर आया तो उसने पूरी बात बताई। पंकज ने अपने कानों से सुनाई नहीं देने की भी बात कही।

इस पर परिजनों ने मथुरादास माथुर अस्पताल व एक निजी अस्पताल में जांच करवाई। जिसमें सामने आया कि उसकी कान के पर्दे फट गए है। उसका तीन माह तक उपचार चलेगा, इसके बाद ऑपरेशन भी हो सकता है। परिजन पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट लेकर रातानाडा थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें अपशब्द कहकर निकाल दिया गया।

सोमवार को पंकज व उसके पिता ने यह शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, यहां से यह शिकायत डीसीपी कार्यालय भेज दी गई। फिलहाल इस सम्बंध में कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही है।

युवती से होती थी किशोर की बात
रातानाडा थानाधिकारी इंद्रसिंह ने पत्रिका को बताया कि पंकज की मोबाइल कॉल डिटेल निकाली गई, जिसमें भागने वाली युवती से उसकी 48 बार बात होना सामने आया। मामले की जांच के लिए पंकज को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की। किशोर के परिजन अपने बचाव के लिए यह हथकंडा अपना रहे हैं।

कान के पर्दे फटे
मेरे बेटे पंकज को पुलिस ने फोन कर थाने बुलाया। इस मामले में हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मेरा लड़का निर्दोष है। थाने बुलाकर पुलिस ने उसे बेरहमी से मारा, इससे उसके कान के पर्दे फट गए। मेडिकल जांच में यह सामने आया। मैंने थाना स्टाफ की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की है। मैं इस सम्बंध न्यायालय में भी जाउंगा।
- अरुण कुमार गुर्जर, किशोर के पिता

हिरासत में हो चुकी है मौत
रातानाडा थाने में 4 अक्टूबर को पूछताछ के लिए लाए गए युवक सिराजुद्दीन फंदे पर लटका मिला था। थाना स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। पूरा थाना लाइन हाजिर किया गया था। अब यह मामला सामने आने से एक बार फिर रातानाडा थाना विवादों में है।