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युवा पुरस्कार 2020 के लिए साहित्य अकादमी ने मांगी प्रविष्टियां

Sahitya Akademi ने युवा पुरस्कार 2020 के लिए युवा भारतीय लेखकों और प्रकाशकों से प्रविष्टियां मांगी
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जयपुर

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Uma Mishra

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Updated: 3 Aug 2019, 8:22 PM IST

साहित्य की राष्ट्रीय अकादमी-साहित्य अकादमी ने युवा पुरस्कार 2020 के लिए अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त सभी 24 भाषाओं के युवा भारतीय लेखकों और प्रकाशकों से प्रविष्टियां मांगी हैं। बता दें कि अकादमी 1 जनवरी 2020 तक 35 वर्ष से कम आयु के आवेदकों से पुस्तकों को आमंत्रित कर रही है। इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 अगस्त, 2019 निर्धारित की गई है।

युवा लेखकों को मिल रहा प्रोत्साहन
भारतीय भाषाओं में युवा लेखकों की लेखनी को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2011 में युवा पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। तब से इन भारतीय भाषाओं में 204 पुरस्कार दिए जा चुके हैं। असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिय़ा, पंजाबी, राजस्थानी, संताली, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा के नवोदित लेखकों को इस पुरस्कार से खूब प्रोत्साहन मिला है।

50,000 की पुरस्कार राशि
युवा पुरस्कार में 50,000 रुपए की सम्मानजनक राशि दी जाती है। साथ ही एक पट्टिका और एक प्रशस्ति पत्र भी शामिल होता है।

वेबसाइट पर उपलब्ध है जानकारी
अकादमी के मुताबिक, प्रविष्टियों को गेजेटेड अफसर द्वारा प्रमाणित जन्म तारीख प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता की एक प्रति के साथ जमा किया जाना चाहिए।
साहित्य अकादमी के वेबसाइट पर इससे संबंधित अधिक जानकारी उपलब्ध है।

पिछले साल छाई रहीं कविताएं
साहित्य अकादमी के पिछले साल के युवा पुरस्कारों पर नजर डालेंगे, तो जान पाएंगे कि पिछले वर्ष कविताओं की किताबें ज्यादा पुरस्कृत हुईं, जबकि देखने में आया है कि कविताओं की किताबें बिकती कम हैं। प्रकाशक गद्य विधा की किताबें ज्यादा छापना पसंद कर रहे हैं। बावजूद इसके पद्य की किताबें ज्यादा पुरस्कृत हुईं।

23 भाषाओं में जब 2019 के इन युवा पुरस्कारों की घोषणा हुई थी, तो पुरस्कारों में कविता का बोलबाला रहा। अकादमी द्वारा चयनित कृतियों में कविता की 11 पुस्तकों, कहानी की 6 पुस्तकों, 5 उपन्यासों और 1 साहित्यिक आलोचना की कृति शामिल थी। देखना होगा कि इस बार किस विधा का बोलबाला रहता है।