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जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए 325 करोड़ मंजूर,जिलावासियों में खुशी की लहर

चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं देश के सबसे अंतिम पायदान वाले जिलों में शुमार जैसलमेर को राज्य और केंद्र सरकार के सम्मिलित प्रयासों से बड़ी सौगात मिली है। जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के राजस्थान सरकार के प्रस्ताव पर सहमति की मोहर लगाते हुए केंद्र सरकार ने इसके लिए 325 करोड़ रुपए की राशि मंजूर कर दी है।

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325 crore approved for medical college in Jaisalmer

जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए 325 करोड़ मंजूर,जिलावासियों में खुशी की लहर

जैसलमेर. चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं देश के सबसे अंतिम पायदान वाले जिलों में शुमार जैसलमेर को राज्य और केंद्र सरकार के सम्मिलित प्रयासों से बड़ी सौगात मिली है। जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सहमति की मोहर लगाते हुए केन्द्र सरकार ने इसके लिए ३२५ करोड़ रुपए की राशि मंजूर कर दी है। इस घोषणा की जानकारी शुक्रवार को जैसे ही जिलावासियों को मिली, वे खुशी से झूम उठे। लोगों ने एक दूसरे को इस सौगात के लिए बधाइयां दी। दूसरी तरफ दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ताओं में श्रेय लेने की होड़ साफ नजर आई। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जैसलमेर की चिकित्सा संबंधी परेशानियों का स्थायी समाधान होने की उम्मीद जगी है।
रामगढ़ मार्ग पर बनेगा कॉलेज
गौरतलब है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पिछले दिनों ही जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर नगर विकास न्यास से ५५ बीघा जमीन का आवंटन मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए करवाया गया है। राज्य सरकार ने जमीन आवंटन करने के बाद वित्तीय मंजूरी के लिए प्रस्ताव केंद्र को भिजवाया। जहां शुक्रवार को इस कार्य के लिए ३२५ करोड़ रुपए की राशि मंजूर करते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि तीन साल में निर्माण संबंधी कार्य पूरा हो जाएगा। जिस स्थान पर मेडिकल कॉलेज बनेगा, उसके आसपास के क्षेत्र में ही नगरपरिषद और न्यास की तीन आवासीय कॉलोनियों का आवंटन हो चुका है। इसके अलावा यह इलाका मिनी सचिवालय भी कहलाता है। जहां करीब एक दर्जन सरकारी महकमे वर्तमान में संचालित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छाया रहा मुद्दा
जैसलमेर जैसे स्तरीय चिकित्सा संस्थानों के लिए तरस रहे शहर में मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार से स्वीकृति की सूचना मिलते ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर संदेशों की मानो बाढ़ आ गई। हर किसी ने इसे जैसलमेर के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। आमजन इसके लिए जहां राज्य की कांग्रेस और भाजपा की केंद्र सरकार को बराबर श्रेय दे रहे हैं, वहीं दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में अपनी-अपनी सरकार के खाते में इस उपलब्धि का श्रेय डालने की होड़ मच गई। स्थानीय सांसद, जिले के दोनों विधायकों के समर्थक अपने नेताओं को मुख्य श्रेय देने से नहीं चूक रहे तो कई जनों ने आकांक्षी जिला योजना के तहत जैसलमेर के प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य संयुक्त सचिव सुधांश पंत के साथ जिला कलक्टर नमित मेहता के प्रति भी आभार प्रदर्शित किया।

...तो रैफर की नहीं आएगी नौबत
जैसलमेर मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो जाने से चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। सीएमएचओ डॉ. बीके बारूपाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज स्थापित होने के बाद जैसलमेर में ही मरीजों को सभी तरह की चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी और उन्हें विभिन्न कारणों से जोधपुर रैफर करने की विवशता नहीं रहेगी। यहां सभी तरह के छोटे-बड़े ऑपरेशन संभव हो सकेंगे और कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट आदि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रकार की जांचें भी मेडिकल कॉलेज स्तर पर हो सकेंगी।

फैक्ट फाइल -
- 55 बीघा क्षेत्र में बनेगा मेडिकल कॉलेज
- 325 करोड़ की राशि मंजूर
- 01 राजकीय अस्पताल है वर्तमान में

सीमावर्ती जिले को मिलेगी स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं
जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र से स्वीकृति संबंधी मौखिक जानकारी मिल गई है। यह बहुत बड़ा निर्णय है। इससे सीमावर्ती जिलावासियों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यापक सुविधाएं मिल सकेंगी।
- नमित मेहता, जिला कलक्टर, जैसलमेर