
दुर्लभ पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) के संरक्षण और संवद्र्धन के लिए राज्य सरकार की ओर से गत बजट में जिले के रामदेवरा ब्रीडिंग स्टेशन के पास टनल बनाने की घोषणा के बाद अब विभागीय जिम्मेदारों ने मंथन शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि यह अपनी तरह की देश ही नहीं बल्कि दुनिया की पहली टनल होगी, जिसमें गोडावण पक्षियों को रखा जाकर उनकी संख्या में इजाफा करने का प्रयास किया जाना है। बताया जा रहा है कि टनल के निर्माण संबंधी डिजाइन और अनुमानित लागत को लेकर कवायद जारी है। डीएनपी के जिम्मेदार मानते हैं कि इस तरह की टनल पहली बार बनाई जा रही है, ऐसे में बहुत सोच समझ कर कदम बढ़ाए जा रहे हैं ताकि किसी तरह की विफलता का सामना नहीं करना पड़े।
रामदेवरा में टनल के सफल साबित होने के बाद भविष्य में इसका निर्माण सुदासरी क्षेत्र में स्थित डीएनपी क्षेत्र में भी करवाया जा सकता है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) की ओर से रिवाइल्डिंग एनक्लोजर बनाने पर भी काम चल रहा है।
-जानकारी के अनुसार डीएनपी की तरफ से संस्थापक जनसंख्या (फाउंडर पॉपुलेशन) के जरिए गोडावण की संख्या में बढ़ोतरी की योजना है।
-इसके तहत 15 वयस्क मादा और 5 वयस्क नर गोडावणों को फील्ड में छोड़ा जाएगा। ये सभी प्रजनन के योग्य होंगे। यह फील्ड नई बनने वाली टनल होगी।
-टनल में छोडऩे से पहले ब्रीडिंग स्टेशन में गोडावणों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके अनुसार उन्हें श्वानों से दूर भागना सिखाया जाएगा।
-इसी तरह से उन्हें इंसानों से दूर रहना व अपना बचाव कैसे करना है और खाना कैसे ढूंढऩा है, इस सबके बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
-टनल में गोडावण के चूजों को अपना भोजन आप ही करना सिखाया जाएगा। यहां उनकी स्पून फीडिंग नहीं होगी, जो ब्रीडिंग स्टेशन में करवाई जाती है।
-टनल में कुछ दिनों तक रखकर उन्हें मानवीय स्पर्श के बिना आगे बढऩे के लिए तैयार किया जाएगा।
जिले के रामदेवरा ब्रीडिंग स्टेशन के पास टनल निर्माण के संबंध में आवश्यक विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसकी डिजाइन व एस्टीमेट पर काम चल रहा है।
-आशीष व्यास, उप वन संरक्षक, डीएनपी
Published on:
04 May 2024 10:54 pm
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