
जैसलमेर के हनुमान चौराहा पर उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना में नगरपरिषद की ओर से कोर्ट में विजयी पक्ष को कब्जा सुपुर्द करने की कार्रवाई को अंजाम दिया। बुधवार शाम को नगरपरिषद प्रशासन ने दूसरे पक्ष के प्रतिनिधियों व उनके अधिवक्ताओं के समक्ष कुल 80 गुणा 100 वर्गफीट की जमीन को पूरी तरह से खाली करवाकर उनके सामने नाप-जौख की कवायद की और उन्हें कब्जा सुपुर्दगी का पत्र दिया। जिस पर दूसरे पक्ष ने पहले इस जमीन पर निर्माण स्वीकृति देने की मांग रखी, जिसे नगरपरिषद की तरफ से स्वीकार नहीं किया गया। आयुक्त लजपाल सिंह ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के गत 14 मई को दिए गए आदेश की पालना में बुधवार शाम को पार्टियों व उनके वकीलों के सामने जमीन का माप करवाया। एक-एक पॉइंट बताया और कब्जा सुपुर्द करने की कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि लेकिन पार्टियों ने कहा कि पहले उन्हें निर्माण की स्वीकृति दो, उसके बाद वे कब्जा फर्द पर हस्ताक्षर करेंगे। आयुक्त ने कहा कि जमीन पर कब्जा सुपुर्दगी से पहले निर्माण की स्वीकृति दी जानी नियमानुसार संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि हमने मौके पर मौजूद लोगों के हस्ताक्षर किए और मौका फर्द सुना दी। पार्टियों ने कब्जा नहीं लिया लेकिन नगरपरिषद ने अपनी तरफ से उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना कर दी है। आयुक्त ने बताया कि न्यायालय में यह केस प्रारम्भिक रूप से श्रीवल्लभ की तरफ से दायर किया गया था। उन्होंने बताया कि बुधवार को हरीश कुमार जो स्वयं पार्टी है और अनिल कुमार शेष 6 पार्टियों के प्रतिनिधि के रूप में मौके पर मौजूद थे।
Published on:
29 May 2024 09:05 pm

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