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BIG BREAKING JAISALMER- आक्रोश रैली के बाद अब फूटा पुलिस का गुस्सा, उपद्रवियों के विरुद्ध होगी यह कार्रवाई

150 लोगों के विरुद्ध पथराव करने व राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज

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जैसलमेर. अक्रौश रैली के नाम पर उपद्रव कर पुलिस थाना पोकरण और दुकानों पर पथरबाजी कर उपद्रव फैलाने वालों के विरुद्ध अब पुलिस यह बड़ी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने रैली के नाम पर उपद्रव करने वालों के विरुद्ध राजकार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर पथराव कर उन्हें चोटिल करने का मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी ने करीब 22 लोगों के विरुद्ध नामजद सहित 150 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि गत 2 अप्रेल को एससीएसटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव के विरुद्ध अक्रौश रैली निकाली थी। रैली के दौरान कुछ लोगों ने बाजार में उपद्रव फैलाने का प्रयास किया। जिस पर दो लोगों को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लिया, लेकिन इसके बाद कुछ लोगों की भीड़ ने आरोपितों को छुड़ाने के लिए थाने की ओर आए और पथराव किया। जिससे पुलिसकर्मियों को चोटे आई।

पथराव करने व राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज
-पोकरण थानाधिकारी की रिपोर्ट पर जांच शुरू
पोकरण. पोकरण कस्बे में निकाली गई आक्रोश रैली के दौरान पुलिस बल पर पथराव कर उन्हें चोटिल करने, राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में थानाधिकारी की ओर से 22 नामजद व 100-150 अन्य लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
थानाधिकारी माणकराम विश्रोई ने सोमवार रात्रि में मामला दर्ज करवाकर बताया कि सोमवार को विभिन्न दलित संगठनों व भीम सेना की ओर से कस्बे में आक्रोश रैली व आमसभा का आयोजन किया गया। सभा के बाद आक्रोश रैली के संरक्षक रेंवतारा बारुपाल एवं संयोजक कैलाश नागौरा, पोकरण व आसपास क्षेत्र के गांवों से आए करीब दो हजार व्यक्ति रैली के साथ दोपहर 12 बजे अंबेडकर सर्किल से रवाना हुए।

IMAGE CREDIT: patrika

रैली विश्रोई धर्मशाला के सामने से मदरसा रोड की तरफ जा रही थी। इस दौरान कुछ युवक रावणा राजपूत श्मसान की भूमि पर स्थित जेठमल चांडक, गोविंद राठी, रावलचंद राठी की किराणे की दुकानों को जबरन बंद करवाने की नीयत से दुकानों में तोडफ़ोड़ करने लगे। ओढाणिया निवासी खेताराम पुत्र भंवरुराम मेघवाल व पाबनासर फतेहगढ निवासी देवाराम उर्फ देवीलाल पुत्र धन्नाराम मेघवाल को एहतियात के तौर पर शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में दस्तयाब कर थाने भिजवाया गया तथा रैली आगे रवाना हुई। रैली मदरसे के खटीकों का मोहल्ला, वाल्मीकि मोहल्ला से सुभाष चौक पहुंची। इस दौरान रैली के साथ चल रहे कुछ लोगों ने सुभाष चौक पर स्थित किराणा व कपड़े की दुकान को जबरन बंद करवाने की नीयत से तोडफ़ोड़ करने की कोशिश की। रैली सुभाष चौक से गांधी चौक, मुख्य बाजार, पंचायत समिति, पुलिस थाने के सामने व व्यास सर्किल होते हुए करीब डेढ बजे पुन: सभास्थल अंबेडकर सर्किल पहुंची। इस दौरान रैली में शरीक मोडरडी निवासी राजूराम पुत्र मजनाराम ने मंच से घोषणा कर रैली में शरीक सभी कार्यकर्ताओं को भडक़ाऊ भाषण देकर उत्तेजित किया तथा पूर्व में दस्तयाब किए गए खेताराम व देवीलाल को छुड़ाने के लिए पुन: थाना चलने के लिए कहा। तब रैली में शामिल भीड़ थाने की तरफ बढने लगी। अपील के बावजूद भी रैली में शरीक लोग थाने की तरफ बढने लगे। रैली में शरीक कैलाश नागौरा, भोमाराम वानर, गोपाल उर्फ गोबरराम, शिवराम नेतासर, भंवरुराम, शहजाद, राजूराम मोडरडी, विक्की, मि_ुलाल, हरजेश, पदमाराम, याकूब उर्फ आला, रेखराज, उमाराम, लीलाधर, देवीलाल, शेराराम, दीपाराम, लक्ष्मणराम, कैलाश भील सहित करीब 100-150 लोगों ने उनके, वृताधिकारी पोकरण व पुलिस जाब्ता की ओर से समझाइश की गई। बावजूद इसके पुलिस जाब्ते के राजकार्य में बाधा पहुंचाई व पत्थरबाजी शुरू की। जिससे थानाधिकारी विश्रोई, उपनिरीक्षक पदमाराम व मुख्य आरक्षक कृष्णकुमार के बदन पर चोटें आई। थानाधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच रामदेवरा थानाधिकारी अमरसिंह को सुपुर्द की गई।

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