
गंगा दशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया
पोकरण. निर्जला एकादशी से एक दिन पूर्व रविवार को कस्बे में पवित्र गंगानदी के धरती पर अवतरण के दिवस के रूप में गंगा दशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालु पुरुष महिलाओं ने अलसुबह परंपरा के अनुसार सरोवरों व कुंओं पर जाकर स्नान किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। हालांकि लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण सरोवरों के साथ मंदिरों में भीड़ नजर नहीं आई। रविवार को दिनभर लोगों ने गंगा दशमी के मौके पर गरीबों को खाद्य पदार्थ व गायों को घास खिलाकर दान पुण्य किया। कस्बे से आठ किमी दूर डिडाणिया ग्राम पंचायत के सुथारों की बेरी पर अलसुबह कई महिलाओं ने गंगादशमी पर स्नान किया। गौरतलब है कि गंगा दशमी के मौके पर सुथारों की बेरी धार्मिक स्थल पर सैंकड़ों महिलाओं की भीड़ उमड़ती है। केरावा नदी के अंदर सुथारों की बेरी नाम से एक पक्का कुंआ बना हुआ है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि इस कुंए में गंगानदी की धारा आती है तथा इसका पानी कभी नहीं सूखता है। इस कुंए का जलस्तर भी जमीन सतह के बराबर है। केरावा नदी के आसपास क्षेत्र में पोकरण लवण क्षेत्र होने के बावजूद भी इस कुंए का पानी मीठा व पीने योग्य है। जबकि अन्य सभी कुंओं का पानी खारा व लवणयुक्त है। इसके चलते भी लोग इस कुंए को ईश्वर का चमत्कार मानकर प्रत्येक माह की पूर्णिमा, कार्तिक, वैशाख, ज्येष्ठ व गंगादशमी जैसे पवित्र मौकों पर यहां श्रद्धा के साथ स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित करते है। गंगादशमी पर यहां मेला भरता है, लेकिन इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण यहां भीड़ नजर नहीं आई। आसपास क्षेत्र से आई महिलाओं ने यहां स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित किया।
जमकर हुई आम की बिक्री
क्षेत्र में सोमवार को निर्जला एकादशी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी के मौके पर सिंगाड़े की सेव, आम, मावे के पेठे, खजूर की पंखियां, ठण्डाई व मटकियों का वितरण कर दान पुण्य किया जाता है। इसी को लेकर बाजार में हाथ ठेलों व फलों की दुकानों पर भारी मात्रा में आम की बिक्री होने लगी है। रविवार को आम खरीदने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिली।
Published on:
21 Jun 2021 02:13 pm
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