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अब महात्मा गांधी स्मृति वन में विकसित होगा सिटी पार्क

जैसलमेर. शहर का सिटी पार्क को महात्मा गांधी स्मृति वन - सिटी पार्क के रूप में विकसित होगा। जिला कलक्टर नमित मेहता ने स्वर्णनगरी जैसलमेर में बाड़मेर-जैसलमेर रोड़ पर स्थित सिटी पार्क का निरीक्षण किया एवं वहां की स्थिति देखी।

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City Park will be developed in Mahatma Gandhi Memorial Forest

अब महात्मा गांधी स्मृति वन में विकसित होगा सिटी पार्क

जैसलमेर. शहर का सिटी पार्क को महात्मा गांधी स्मृति वन - सिटी पार्क के रूप में विकसित होगा। जिला कलक्टर नमित मेहता ने स्वर्णनगरी जैसलमेर में बाड़मेर-जैसलमेर रोड़ पर स्थित सिटी पार्क का निरीक्षण किया एवं वहां की स्थिति देखी। उन्होंने बताया कि सिटी पार्क विकसित करने की दृष्टि को रखते हुए पार्क का निरीक्षण किया एवं वहां की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने जिला कलक्टर मेहता ने आयुक्त नगरपरिषद को जेसीबी लगाकर पार्क में बबूल एवं अन्य पेड़ों की कटाई कराके पूर्ण रूप से साफ-सुथरा बनाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने पार्क में जो फुटपाथ है, उसकी मरम्मत कराने एवं यहां पर हाई मास्क लाइट व अन्य लाइटें लगाने के साथ ही जो नलकूप है, उसको भी पुन: चालू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त नगर परिषद बृजेश रॉय, सहायक अभियंता नगर विकास न्यास, साहब राम जोशी, सचिव जैसलमेर विकास समिति चन्द्रप्रकाश व्यास के साथ ही नगर परिषद के अभियंता साथ में थे। जिला कलक्टर ने सचिव जैसलमेर विकास समिति की कहा कि वे पार्क में महात्मा गांधी स्मृति वन को विकसित करने के लिए कितने पौधे लगाने की जरूरत होगी उसकी पूरी कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
अधूरी है रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने की संकल्पना
तत्कालीन कलक्टर हेमंत गेरा ने जैसलमेर में एक भी स्तरीय उद्यान नहीं होने के मद्देनजर स्वर्णनगरी में ‘सिटी पार्क’ बनाने की पहल की। इसके लिए बाड़मेर मार्ग पर 80 बीघा जमीन का आबंटन किया गया। रेगिस्तान में नखलिस्तान को मूर्तरूप देने का इरादा प्रकट करते हुए, तब यहां मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल से लेकर सात अजूबों के मॉडल्स, म्यूजिकल फाउंटेन, रंग-बिरंगी रोशनियां, बच्चों के लिए झूले और अन्य मनोरंजन के साधन, रेस्तरां, बड़े-बुजुर्गों के घूमने के लिए पाथ वे आदि के इंतजाम के सपने शहरवासियों को दिखाए गए। तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर ने 15 अगस्त 2003 को इसका शिलान्यास किया। गेरा के कलक्टर रहते जोर-शोर से जिला प्रशासन और उस समय की नगरपालिका ने कामकाज भी शुरू करवा दिया, लेकिन कलक्टर की बदली से सिटी पार्क के साथ सरकारी तंत्र का रवैया भी बदल गया। कालांतर में कितने ही कलक्टर आए और गए तथा जैसलमेर नगरपालिका से नगरपरिषद बन गई, लेकिन सिटी पार्क की दशा नहीं सुधरी।