30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैसलमेर में सर्द हवाएं रेत के धोरों पर बिखेर रही जादू, सैलानियों को लुभा रहा ऊंट सफारी का रोमांच

Jaisalmer Tourism: सुनहरी धोरों पर सूरज की किरणें खेलती हैं और शाम को यह क्षेत्र लोक संगीत की मधुर धुनों से गूंज उठता है।

2 min read
Google source verification
Jaisalmer IN WINTER

जैसलमेर। जैसे ही सर्द हवाएं रेगिस्तान की रेत पर अपना जादू बिखेरती हैं, जैसलमेर का सम क्षेत्र जीवन से भर उठता है। सुनहरी धोरों पर सूरज की किरणें खेलती हैं और शाम को यह क्षेत्र लोक संगीत की मधुर धुनों से गूंज उठता है। यहां का वातावरण सैलानियों को प्रकृति, रोमांच और संस्कृति का अद्वितीय संगम प्रदान करता है।

जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर सम, सर्दियों में देसी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। यहां हर साल करीब 10 लाख पर्यटक आते हैं। सम के 150 रिसॉर्ट और कैंप पर्यटकों को झोंपड़ियों में ठहरने और देसी भोजन का स्वाद लेने का अनोखा अनुभव देते हैं। दिन में ऊंट सफारी का रोमांच और रात को अलाव तापते हुए तारों भरे आसमान के नीचे लोक संगीत सुनना सैलानियों के लिए यादगार बन जाता है।

स्थानीय रोजगार का बड़ा जरिया

सम के पर्यटन उद्योग से लगभग 15 हजार लोग सीधे जुड़े हुए हैं। लोक कलाकार, ऊंट संचालक, रिसॉर्ट कर्मचारी और भोजन विक्रेता अपनी आजीविका का प्रमुख स्रोत इस क्षेत्र में पाते हैं। एक रिसॉर्ट संचालक आनंदसिंह बताते हैं विदेशी मेहमान झोंपड़ियों में रुकने और राजस्थानी संगीत का आनंद लेने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं।

यह भी पढ़ें: सर्दियों में घूमने के लिए राजस्थान के लोगों की पहली पसंद बन ये टूरिस्ट प्लेस, कम खर्चें में कर सकते हैं सैर

देशी भोजन और अलाव का अनुभव उनके लिए खास होता है। कैमल सफारी से जुड़े मंसूर खां बताते हैं कि ऊंट सफारी सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण है। वे दिन भर रेत के टीलों पर घूमते हैं और रात को संगीत के साथ अलाव तापते हैं।

अनूठा अनुभव: झोंपड़ियां और देशी भोजन

यहां की पारंपरिक झोंपड़ियां पर्यटकों को आधुनिकता से दूर एक प्राकृतिक जीवन जीने का अवसर देती हैं। देसी खाना, जिसमें बाजरे की रोटी, दाल-बाटी और गट्टे की सब्जी शामिल हैं, सैलानियों को यहां की मिट्टी से जोड़ देता है। दिसंबर व जनवरी महीने में तो सम में 2 लाख के करीब पर्यटक पहुंचते हैं।

ऊंट के साथ जीप सफारी भी

रेत के धोरों पर ऊंट सफारी और जीप सफारी जैसे एडवेंचर सैलानियों को खूब भाते हैं। सम में करीब 1500 ऊंट सफारी और कैमल गार्ड सेवाओं में उपयोग किए जाते हैं। यहां सूर्यास्त का दृश्य और रेत के टीलों पर बिताया गया समय सैलानियों को रोमांच और सुकून दोनों देता है।

यह भी पढ़ें: अब बीच-हिल स्टेशन नहीं, लुभा रहे मंदिर-मठ, बाइक से पहुंच रहे कोसों दूर

Story Loader