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पोकरण. रोते-बिलखते बच्चों की भीड़, किसी के सिर तो किसी हाथ-पांव से बह रहा खून, टूटे कांच व बिखरे खून से सनी सड़क, वाहनों की लगी भीड़ व बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करते लोग...। यह दृश्य देख हर किसी का दिल पसीज गया। सांकड़ा थानाक्षेत्र के भैंसड़ा गांव से दो किमी पहले बुधवार को सुबह स्कूल बस पलटने से हुए हादसे के बाद मौके पर एवं अस्पतालों में चीख-पुकार मच गई। घायल बच्चों के उपचार के लिए हर कोई आगे आता दिखा। जानकारी के अनुसार भैंसड़ा गांव में स्थित ज्ञानदीप बाल निकेतन में अध्ययनरत बच्चों से ओवरलोड भरी एक मिनीबस आसपास क्षेत्र के गांवों व ढाणियों से बच्चों को लेकर बुधवार को सुबह स्कूल जा रही थी। इस दौरान करीब 8 बजे भैंसड़ा गांव से दो किमी पहले बस का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही 22 की क्षमता वाली इस मिनीबस में 70 से अधिक बच्चे सवार थे। जिसके कारण 1 शिक्षक की मौत हो गई। जबकि चालक व एक महिला शिक्षक सहित सभी बच्चे घायल हो गए। जिनका भैंसड़ा, सांकड़ा व पोकरण के राजकीय अस्पतालों में उपचार किया गया। दुर्घटना के बाद आसपास ढाणियों में निवास कर रहे लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और बस को सीधा कर घायलों को बाहर निकाला। साथ ही 108 एम्बुलेंस व पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद सांकड़ा, भणियाणा व पोकरण की एम्बुलेंस के साथ सांकड़ा थाने से पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया।
अस्पतालों में लगी भीड़
हादसे के बाद तत्काल घायलों को सांकड़ा व भैंसड़ा अस्पताल भिजवाने पर यहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। दुर्घटना की सूचना पाते ही हर कोई अस्पताल की तरफ दौड़ा और अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार में सहायता की। कोई ड्रिप, दवाइ लेकर आ रहा था तो कोई बच्चों को सहलाते हुए उन्हें चुप करवाने का प्रयास कर रहा था। इन अस्पतालों में उपचार के बाद गंभीर घायलों को जोधपुर एवं कुछ घायलों को पोकरण रैफर किया गया। पोकरण अस्पताल में भी लोगों की भीड़ नजर आई।
प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा
हादसे के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश आर्य, पुलिस उपाधीक्षक कैलाश विश्नोई, सांकड़ा थानाप्रभारी खुशालचंद पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। साथ ही सांकड़ा थाने से पुलिस बल सांकड़ा व भैंसड़ा अस्पताल भिजवाया गया और घायलों के उपचार एवं रैफर करने में मदद की गई। इसी प्रकार तहसीलदार रणछोड़लाल सोलंकी, पोकरण थानाधिकारी चुन्नीलाल विश्नोई, सहायक उपनिरीक्षक खेतसिंह भाटी, धन्नाराम विश्नोई पोकरण अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
एसपी ने ली घटना की जानकारी
सूचना पर बुधवार को दोपहर जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान भी सांकड़ा पहुंचे। उन्होंने सांकड़ा व भैंसड़ा के राजकीय अस्पतालों में भर्ती बच्चों से कुशलक्षेम पूछी एवं उपचार की जानकारी ली। साथ ही घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
पोकरण अस्पताल में इन्होंने की सहायता
हादसे की सूचना मिलते ही पोकरण अस्तपाल में चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों की टीम एवं पुलिस बल पहले से उपस्थित था, ताकि घायलों के आने पर उनका तत्काल उपचार हो सके। घायलों को पोकरण अस्पताल लाने पर नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, पंचायत समिति सांकड़ा के प्रधान भगवतसिंह तंवर, राजपूत सेवा समिति के अध्यक्ष बलवंतसिंह जोधा, करणी सेना के अध्यक्ष सांगसिंह गड़ी, देवेन्द्रसिंह मोडरडी, पूर्व सरपंच मनोहरसिंह बेतीणा, योगेश रंगा ने घायलों के उपचार में सहायता की। इसी प्रकार भाजपा नेता महंत प्रतापपुरी महाराज भी बुधवार को दोपहर पोकरण अस्पताल पहुंचे और यहां भर्ती घायल बच्चों की कुशलक्षेम पूछी। इसके अलावा सांकड़ा व भैंसड़ा अस्पतालों में देवीसिंह भैंसड़ा, विजयसिंह, मूलाराम, लालसिंह बेतीना, चनणाराम माली, शंभूसिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
पौने दो घंटे में पहुंचाया जोधपुर
हादसे की सूचना पर 108 एम्बुलेंस सांकड़ा के इएमटी जूंझारसिंह व पायलट श्याम माली, भणियाणा के इएमटी कुलदीप व पायलट पोकरराम और पोकरण के इएमटी दीपक शर्मा व पायलट सवाईसिंह उज्ज्वल मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंंचाया। इस दौरान सांकड़ा व भणियाणा की एम्बुलेंसों से गंभीर घायलों को जोधपुर रैफर किया गया था। सांकड़ा एम्बुलेंस के पायलट श्याम माली ने मात्र 1 घंटे 40 मिनट में घायलों को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया। साथ ही पायलट ने आरोप भी लगाया कि रास्ते में टोलकर्मियों की ओर से आए दिन समय पर बेरियर दूर नहीं लेने से अनावश्यक देरी होती है।
Published on:
12 Jul 2023 09:15 pm
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