जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मूक पशुओं और वन्यजीवों को पानी की प्यास मौत के द्वार ले जा रही है। भीषण गर्मी के कारण जीएलआर सूख गए है, वहीं तालाबों में पैंदे में पड़ा पानी दलदल बन गया है। जिससे यहां आने वाले प्राणियों की प्यास बुझने से पहले इनके जीवन की लौ बुझ रही है। तालाबों के किनारे बना दलदल पानी पर मौत बनकर पहरा दे रहा है। जो भी पशु यहां पहुंच रहा है, वह मौत की आगोश में समा रहा है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं। हालात यह है कि रेगिस्तानी गांवों का पानी मौत के पहरे में है, जिसे भी पीना है उसे मौत के रास्ते ही पानी तक पहुंचना पड़ रहा है, लेकिन वापिस लौट कर आने की उम्मीद नहीं है। अब तक जिले भर में दलदल में फंसकर डेढ़ दर्जन से अधिक पशु अकाल मौत मर चुके है, फिर भी जिम्मेदार आंखे मूंदे है।