
जैसलमेर जिले के 9300 से ज्यादा किसान लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद कृषि कनेक्शन से वंचित बने हुए हैं। उन्होंने दो साल पहले डिस्कॉम में डिमांड राशि भी जमा करवा रखी है। इससे उन्हें उम्मीद बंधी थी, लेकिन अभी तक उनके हाथ अफसोस के अलावा कुछ नहीं लगा। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रदेश में लाखों की तादाद में किसानों को उनके खेतों में सामान्य श्रेणी के कृषि कनेक्शन जारी करने की स्वीकृति प्रदान की थी। जानकारों के अनुसार धरातल पर वास्तविकता का आंकलन किए बिना दी गई इस मंजूरी का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचा। सीमावर्ती जैसलमेर जिले में भी 9300 किसानों ने सामान्य श्रेणी के कनेक्शन के लिए आवेदन कर रखा है। जानकारी के अनुसार डिस्कॉम के पास सामान्य श्रेणी के वर्षों पूर्व के कृषि कनेक्शन संबंधित आवेदन की फाइलें धूल फांक रही रही हैं। ज्यादा मांग उठने पर डिस्कॉम ने कृषि कनेक्शनों के लिए डिमांड नोटिस भी जारी कर दिए और किसानों से डिमांड राशि तक वसूल कर ली गई। यह प्रक्रिया दो साल पहले पूरी होने के बावजूद किसान कृषि कनेक्शन के इंतजार में ही हैं। हकीकत यह है कि डिस्कॉम के पास न तो इतनी बड़ी तादाद में लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर और अन्य सामग्री है और न ही बढ़ी हुई मांग की आपूर्ति करने का तंत्र विकसित हुआ है।
कृषि कनेक्शन के लिए वर्ष 2023 के जून माह में तीन कृषि कनेक्शन के लिए डिमांड राशि जमा करवाई गई थी। अभी तक कृषि कनेक्शन का इंतजार बना हुआ है। बैंकों व साहूकारों से ब्याज पर राशि लेकर नलकूप खुदवाए हैं, वे बंद पड़े हैं।
सामान्य श्रेणी के कृषि कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं, क्योंकि जिले का विद्युत तंत्र ओवरलोडेड है। इसे सुदृढ करने के बाद ही कनेक्शन जारी किए जा सकेंगे। वर्तमान में विद्युत प्रसारण निगम की ओर से 132 केवी के 8 जीएसएस और डिस्कॉम की तरफ से भी नए जीएसएस स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।
Published on:
26 Jun 2025 11:35 pm

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