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सरहद पर धमाकों की गूंज, थर्राया रेगिस्तान तो कांपा ‘दुश्मन’

-रेगिस्तान में त्रिशक्ति प्रहार युद्धाभ्यास में संयुक्त क्षमताओं का प्रदर्शन
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सरहद पर धमाकों की गूंज, थर्राया रेगिस्तान तो कांपा ‘दुश्मन’

सरहद पर धमाकों की गूंज, थर्राया रेगिस्तान तो कांपा ‘दुश्मन’

रेगिस्तानी क्षेत्र में तीनों सेनाओं का अभ्यास त्रि-शक्ति प्रहार सोमवार को शुरू हो गया है। अभ्यास का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच पूर्ण तालमेल के साथ जमीनी और हवाई युद्ध पर ध्यान केंद्रित करना है। आगामी दिनों में कई फिक्स्ड और रोटरी विंग विमान दिन और रात संचालन करेंगे। इसका उद्देश्य संयुक्त युद्धाभ्यास को मजबूत करना और लगभग युद्ध के कृत्रिम माहौल में ऑपरेशन से संबधित प्लान को क्रियान्वित करने का अभ्यास है। करीब 13 दिन चलने वाले युद्धभ्यास में 30 हजार सैनिक भाग लेंगे। भारतीय वायुसेना और विशेष रूप से दक्षिण पश्चिमी वायु कमान की परिचालन, तत्परता और क्षमताओं को अन्य दो सेनाओं के साथ प्रदर्शन होगा। ‘त्रिशक्ति प्रहार’ नामक इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायु सेनाए आर्मी और नेवी का एक साथ विषम परिस्थितियों में संकट के दौरान बेहतर तालमेल का अभ्यास किया जाएगा। युद्धाभ्यास के दौरान नए हथियारों का परीक्षण भी होगा।इनका भी होगा अभ्यास

युद्धाभ्यास दौरान खुफिया व निगरानी, टोही विमान की ओर से लंबी दूरी की मारक शक्ति, संयुक्त हथियार संचालन, तेज डायनेमिक और डीप स्ट्राइक ओफेंसिव केपेबीली जैसी विभिन्न क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। युद्धाभ्यास में मानव रहित हवाई वाहन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, संचार प्रणाली और ऑटोमेटिक स्पेक्ट्रम मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी विशिष्ट टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग की जाएगी।

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