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जैसलमेर: 150 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्रियां जब्त, बॉर्डर एरिया के जमीन सौदों में कालेधन की आशंका

Jaisalmer Land Registry: आयकर विभाग ने जैसलमेर में 150 करोड़ रुपए से अधिक जमीन सौदों से जुड़ी फाइलों को अग्रिम जांच के लिए जब्त किया है। जमीनों की रजिस्ट्री के दौरान कई खामियां सामने आई। कई सौदों के कागजातों में पैन नम्बर ही नहीं थे।
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Jaisalmer Land Registry

जांच में जुटी आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग। फोटो: पत्रिका

जैसलमेर। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में कालेधन से जमीनों की खरीद, बेनामी सम्पत्तियों का अर्जन और खरीद के कागजातों में पैन नम्बर तक का इंद्राज नहीं होने को लेकर हरकत में आए आयकर विभाग ने जैसलमेर में 150 करोड़ रुपए से अधिक जमीन सौदों से जुड़ी फाइलों को अग्रिम जांच के लिए जब्त किया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने सीमांत श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में औचक ढंग से जांच शुरू की। है।

बताया जाता है कि इस टीम ने करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध भूमि सौदों का रिकॉर्ड जब्त किया है। इस कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्र में जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ कार्मिकों में हडकंप मचा हुआ है। जैसलमेर में जमीनों की रजिस्ट्री के दौरान कई खामियां पाई गई हैं। कई सौदों के कागजातों में पैन नम्बर ही नहीं थे।

आयकर विभाग की जांच में सामने आई कई अनियमितताएं

जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में भी कई अनियमितताएं सामने आई। गत मंगलवार और बुधवार को की गई छानबीन में टीम ने कुल 170 संदिग्ध फाइलों की एक्सेल शीट तैयार की है। कई महंगी जमीनों की रजिस्ट्री में खरीदार का पैन नंबर ही गायब था। 2 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक की इन रजिस्ट्रियों में बैंक के बजाय पूरा भुगतान नकद में किया गया। यहां करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन मिलने की आशंका है। फाइलों की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी। यहां सहायक निदेशक लक्ष्मी नारायण मीणा, जिला आयकर अधिकारी महेश कुलहरी के साथ टीम ने कार्रवाई की।

एक्सेल शीट तैयार, हर रजिस्ट्री का रिकॉर्ड

शुरुआती कार्रवाई के तहत एक्सेल शीट तैयार की गई है, जिसमें हर रजिस्ट्री का रिकॉर्ड रखा गया है। गौरतलब है कि जैसलमेर सहित सीमावर्ती जिलो में पिछले समय के दौरान जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसके चलते केंद्र सरकार हरकत में आई है। शुरुआती जांच से पता चला है कि 1 अप्रैल 2024 और 31 मार्च 2026 के बीच करीब 75 करोड़ की जमीन की रजिस्ट्री में गड़बड़ियां हुई हैं।

अमित शाह के निर्देशों के बाद शुरू की गई जांच

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद यह जांच शुरू की गई थी। बीकानेर दौरे के दौरान 26 मई को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अवैध निर्माण, कालेधन और संदिग्ध प्रॉपर्टी डीलिंग की व्यापक जांच की जरूरत पर जोर दिया था। इसके बाद आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने जांच की जिम्मेदारी संभाली और स्थानीय इनकम टैक्स अधिकारियों की मदद से जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और फलोदी में सर्वे किए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने प्रदेश में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास जमीन के लेन-देन में गड़बड़ियों की जांच पूरी कर ली है। जैसलमेर और श्रीगंगानगर में सर्वे पूरा होने के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें वापस लौट गई है।